प्रयागराज 29 सितंबर: आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण मंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रयागराज मंडल के चारों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
लापरवाही पर सीएमओ प्रयागराज का वेतन रोका, ठेकेदार पर एफआईआर
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान होलागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को 'मॉडल CHC' के रूप में विकसित करने में धीमी प्रगति और लापरवाही पाए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सीएमओ प्रयागराज का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए।वहीं, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा निर्मित किए जा रहे होम्योपैथिक भवन में घटिया निर्माण सामग्री और कमियों की जानकारी सामने आने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज कराने का आदेश दिया।
संस्थागत प्रसव में कमी और मातृ मृत्यु पर आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रयागराज और फतेहपुर में मातृ मृत्यु की दर अधिक पाए जाने पर संबंधित क्षेत्रों की आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा फतेहपुर (57.6%) और प्रतापगढ़ (68.2%) में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत कम होने पर संबंधित सीएमओ से स्पष्टीकरण व विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
30 सितंबर से शुरू होगा शास्त्री ब्रिज और 54 सड़कों के सुधार का काम
लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि शास्त्री ब्रिज की अप्रोच रोड के सुधार तथा शहर की 54 प्रमुख सड़कों की कारपेटिंग का कार्य हर हाल में 30 सितंबर से प्रारंभ कराया जाए। स्टैनली रोड के मरम्मत कार्य में घटिया गुणवत्ता मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नैनी के विस्तारित क्षेत्र के 10 वार्डों में लगभग ₹273 करोड़ की लागत से बन रहे नैनी सरफेस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की समीक्षा करते हुए पर्ट चार्ट (PERT Chart) के अनुसार समयबद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
स्वयं सहायता समूहों को मिला दिवाली का 'बूस्टर', ओडीओपी और आंवला पैकेजिंग पर जोर
SHG और नवाचार: नॉन-परफॉर्मिंग (कमजोर) स्वयं सहायता समूहों के सुधार के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर आगामी सोमवार तक रिपोर्ट मांगी गई है। दीपावली के अवसर पर समूहों द्वारा बनाए जाने वाले दीयों एवं अन्य उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
ODOP एवं प्रतापगढ़ का आंवला: वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के तहत प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों की पैकेजिंग सुधारने, इसके बाय-प्रोडक्ट्स को बड़े बाजारों तक पहुँचाने और निजी मार्केटिंग एजेंसियों से टाई-अप करने के निर्देश दिए गए।
गौशालाओं के गोबर प्रबंधन और स्वास्थ्य जांच का विशेष अभियान
मंडलायुक्त ने पशुपालन विभाग को अगले एक महीने के भीतर मंडल की 20 गौशालाओं का गहन निरीक्षण करने के आदेश दिए। इसमें गोबर प्रबंधन, जलभराव, बीमार पशुओं का उपचार, टीकाकरण, चारे की उपलब्धता और मृत पशुओं के निस्तारण की जांच की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों (CVO) को हर निरीक्षण के फोटो सीधे आयुक्त कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य प्रमुख निर्देश:कुपोषण पर वार (ICDS): सैम (SAM) और मैम (MAM) श्रेणी के कुपोषित बच्चों की पहचान कर 15 दिनों के भीतर नीड एनालिसिस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।बिजली विभाग: जनवरी से सितंबर 2026 के बीच हुई विद्युत दुर्घटनाओं, हाल ही में लगे मीटरों और फेंसिंग कार्य की रिपोर्ट तलब की गई।
बेसिक शिक्षा: जलभराव, विद्युत कनेक्शन और अप्रोच रोड की समस्या से जूझ रहे स्कूलों की सूची बनाकर निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग दी गई समय-सीमा के भीतर सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत करें; विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


