प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ) बलिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) बलिया जिला इकाई की ओर से शनिवार को गंगा बहुउद्देशीय सभागार में ‘आरोहिणी युवती सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन में 15 से 30 वर्ष की सैकड़ों छात्राओं और युवतियों ने भाग लेकर अपनी मजबूत सामाजिक और राष्ट्रीय भागीदारी का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता का विकास, सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें समाज व परिसर की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
बलिया की माटी में स्वाभिमान और क्रांति की चेतना जीवंत: सृष्टि सिंहसम्मेलन में प्रवासी के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय संयोजक (आर्किटेक्चर एवं प्लानिंग) सृष्टि सिंह ने कहा कि बलिया की ऐतिहासिक भूमि केवल स्वतंत्रता संग्राम की गाथाओं तक सीमित नहीं है,
बल्कि यहाँ की माटी में आज भी साहस, स्वाभिमान और परिवर्तन की चेतना रची-बसी है।1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा:
"आजादी की लड़ाई केवल पुरुषों की नहीं थी। बलिया की नारियों ने भी हाथ में तिरंगा थामकर अंग्रेजी हुकूमत के दांत खट्टे किए थे।"
उन्होंने एबीवीपी के ‘पंच परिवर्तन’ (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य) को युवती विमर्श से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता पर बल दिया।
भारतीय संस्कृति में नारी अबला नहीं, शक्ति का स्वरूप
कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भी युवतियों का मार्गदर्शन किया:
अंजली सिंह (वक्ता): "भारतीय संस्कृति में नारी को कभी कमजोर नहीं माना गया, वह सदैव शक्ति का प्रतीक रही है। आज की युवतियों को अपने सामर्थ्य को पहचानकर आत्मविश्वास से आगे बढ़ना होगा।"
अनन्या शर्मा (विभाग संयोजक): "भारत वह पुण्यभूमि है जहाँ नारी को देवी तुल्य सम्मान दिया जाता है। युवाओं और छात्राओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर शिक्षा व समाज सेवा में नेतृत्व करना चाहिए।"
डॉ. पुष्पा मिश्रा (मुख्य अतिथि): "युवतियाँ शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के बल पर परिवार, समाज और देश के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना होगा।"
आत्मरक्षा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण से हुई। अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर किया गया।
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण:
सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) का प्रदर्शन: छात्राओं को विषम परिस्थितियों से निपटने और अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: छात्राओं ने देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से भरे कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
प्रतिभा सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों व गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल व कुशल संचालन श्रेया सिंह एवं साक्षी श्री ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संगठन के तमाम पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


