रिपोर्ट: प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनी के बीच प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी है।
तीन दिनों से लगातार बारिश, बिजली आपूर्ति और यातायात ठप
पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बंदा-बांदी और मूसलाधार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। तेज आंधी-तूफान के कारण जनपद बलिया के विभिन्न इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम सभा चंदायर निवासी चैइत चरण राम के 8 सफेदा (यूकेलिप्टस) के पेड़ गिर गए। वहीं कसमापुर गांव में दो हरे और एक सूखा पेड़ गिरने की खबर मिली है।
जनपद के अन्य हिस्सों से भी सैकड़ों पेड़ों के नुकसान की सूचना सामने आ रही है।
प्रशासन और समाजसेवियों की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मौसम के बिगड़ते मिज़ाज को देखते हुए कसमापुर (बालूपुर) निवासी समाजसेवी डॉक्टर शेषनाथ यादव ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है।
उन्होंने आम जनमानस को संदेश देते हुए कहा:
"लोग अति-आवश्यक कार्य न होने पर घरों से बाहर न निकलें। खुले आसमान या पेड़ों के नीचे रुकने से बचें, क्योंकि आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। सभी नागरिक स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।"
इन प्रमुख जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के बांदा, कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, गोंडा, बहराइच, लखनऊ, कानपुर, झांसी, ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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