प्रदीप बच्चन (व्युरो चीफ)
बलिया (यूपी) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत के समर्थन में बुधवार को नगर के कई सम्मानित लोग अस्पताल परिसर पहुंचे। उन्होंने आशा बहुओं, आशा संगिनियों एवं एएनएम द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए डॉ. रावत को हटाए जाने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी।
उपस्थित लोगों का कहना था कि मनियर पीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित रही है। उनके अनुसार, करीब 11 वर्षों तक यहां डॉ. सहाबुद्दीन के कार्यकाल के बाद डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत ऐसे चिकित्साधिकारी हैं, जो दिन-रात अस्पताल में रहकर मरीजों को सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। उनके आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है और मरीजों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
लोगों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी और कार्यों को लेकर कर्मचारियों पर जब जिम्मेदारी तय की जा रही है तो कुछ लोग चिकित्साधिकारी पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए कर्मचारियों की जवाबदेही जरूरी है। साथ ही कुछ स्थानीय कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठाई गई।
समर्थन में पहुंचे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग आशा संगिनियों, आशा बहुओं और एएनएम को माध्यम बनाकर अस्पताल की व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर से हटाया गया तो वे मुख्य चिकित्साधिकारी, बलिया और जिलाधिकारी, बलिया के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एवं प्रधान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्र, अधिवक्ता कृष्ण कुमार, भाकपा माले नेता वसंत कुमार सिंह उर्फ मुन्नी सिंह, नगर पंचायत मनियर के चेयरमैन प्रतिनिधि अमृतेश सिंह अंटू, पूर्व सभासद विनय कुमार सिंह, सभासद प्रतिनिधि कंचन सिंह, भाजपा नेता एवं मनोनीत सभासद कमलेश उपाध्याय, सभासद राजकुमार गुप्ता उर्फ गाटर, सभासद प्रतिनिधि अभिमन्यु कुमार बागी, सपा नेता उपेंद्र पटेल, सभासद संजीत सिंह, वार्ड नंबर 9 के सभासद प्रतिनिधि अभिषेक कुमार गोंड़, वार्ड नंबर 6 के सभासद कुंदन सिंह, वार्ड नंबर 14 के सभासद छोटक राजभर, वार्ड नंबर 1 के सभासद प्रतिनिधि अखिलेश सिंह, शुभम प्रताप सिंह, सभासद रिंकू पटेल सहित कई लोग मौजूद रहे।
वहीं, आशा बहुओं, आशा संगिनियों एवं एएनएम की ओर से लगाए गए आरोपों और उनकी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

