ब्यूरो रिपोर्ट: शिव शरण गोंडा।
नेपाल और तराई क्षेत्रों से आ रहे पानी के चलते जिले में घाघरा नदी ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार सुबह 9:30 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। नदी का जलस्तर लगातार 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।
30 हजार आबादी पर मंडराया बाढ़ का खतरा
जलस्तर में हो रही इस बढ़ोतरी से कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में रहने वाली लगभग 30 हजार की आबादी पर बाढ़ का संकट गहरा गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
बैराजों से 24 घंटे में छोड़ा गया 15.40 लाख क्यूसेक पानी
घाघरा के अचानक उफान पर आने की मुख्य वजह बैराजों से छोड़ा जा रहा भारी डिस्चार्ज है। बीते 24 घंटे में विभिन्न बैराजों से कुल 15,40,791 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।
सोमवार सुबह 9:30 बजे तक छोड़े गए 3.97 लाख क्यूसेक पानी का विवरण:
गिरजा बैराज: 2,45,477 क्यूसेक
शारदा बैराज: 1,35,054 क्यूसेक
सरयू बैराज: 17,399 क्यूसेक
24 घंटे में 25 सेमी बढ़ा जलस्तर, नवाबगंज में कटान तेज
रविवार सुबह 9 बजे घाघरा नदी लाल निशान से महज 4 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, लेकिन सोमवार सुबह तक इसमें 25 सेंटीमीटर का उछाल दर्ज किया गया। पानी की तेज धारा के कारण नवाबगंज के निचले इलाकों में सुबह 8 बजे से तेजी से कटान शुरू हो चुकी है, जिससे नदी के किनारे बसे ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई है।
ड्रोन कैमरों से तटबंधों की निगरा
नीबाढ़ के खतरे को भांपते हुए गोंडा बाढ़ खंड विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। तटबंधों की स्थिति और कटान प्रभावित क्षेत्रों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। गोंडा से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी तटबंधों के निरीक्षण में जुटे हैं।
जिला आपदा विशेषज्ञ के अनुसार, नेपाल से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



