प्रयागराज। मंडलायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, प्रयागराज मंडल कार्यालय द्वारा एक विशेष ऑनलाइन (गूगल मीट) प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रयागराज मंडल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों से जुड़े चिकित्साधिकारियों को मानसून सीजन में फैलने वाली प्रमुख बीमारियों—डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. मंसूर अहमद एवं मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. के. के. मिश्रा ने बीमारियों की पहचान और प्रबंधन पर विस्तार से प्रकाश डाला:
प्रमुख बीमारियों के लक्षण:
- डेंगू: तेज बुखार, शरीर पर चकत्ते, मांसपेशियों व आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और डिहाइड्रेशन।
- मलेरिया: ठंड और कपकंपी के साथ तेज बुखार।
- चिकनगुनिया: तेज बुखार के साथ जोड़ों में अत्यधिक दर्द व सूजन।
- लेप्टोस्पायरोसिस: तेज बुखार के साथ आंखों का अत्यधिक लाल होना और पिंडलियों में तेज दर्द।
- स्क्रब टाइफस: इसका मुख्य और पक्का लक्षण शरीर पर 'एशर' (काला चकत्ता) बनना है।
- जांच एवं उपचार प्रक्रिया:
बीमारियों की पुष्टि के लिए एलाइजा (ELISA) टेस्ट अनिवार्य बताया गया, जबकि मलेरिया के लिए आरडीटी किट एवं स्लाइड टेस्ट की सलाह दी गई। डेंगू के सामान्य मामलों में पैरासिटामोल, फ्लूइड थेरेपी और आराम की सलाह दी गई।
गंभीर लक्षण और रिफरल:
यदि मरीज में शरीर पर लाल चकत्ते, पेशाब के रास्ते खून आना, तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी, लगातार बुखार या पेशाब न आने जैसे गंभीर लक्षण दिखें, तो उन्हें तत्काल जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
बचाव के उपाय:
कूलर, टायर, गमलों, फ्रिज की ट्रे और प्लास्टिक की बोतलों में पानी न जमा होने दें। मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
कार्यक्रम के अंत में चिकित्सकों की शंकाओं का समाधान किया गया। यह जानकारी अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, प्रयागराज मंडल द्वारा प्रदान की गई।

