लखनऊ | 16 अगस्त, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाग पंचमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि नाग पंचमी का पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी लोक-संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जीव-जगत के साथ सह-अस्तित्व की प्राचीन परंपरा को मजबूत करने का अवसर है।
नाग पंचमी के संदेश की प्रमुख बातें:
सांस्कृतिक एवं पर्यावरण चेतना: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति और सभी जीव-जंतुओं के साथ संवेदनशील संबंध स्थापित करने की समृद्ध परंपरा रही है। नाग पंचमी इसी सांस्कृतिक चेतना और करुणा का प्रतीक है।
विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व: उन्होंने उल्लेख किया कि धर्मशास्त्रों में नागों को पूजनीय माना गया है। भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर विराजमान हैं और भगवान शिव के अलंकारों में सर्प का विशेष स्थान है। नागों का संबंध शक्ति, जागृत चेतना और आध्यात्मिक साधना से जुड़ा है।
युवाओं को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना: सीएम योगी ने कहा कि ऐसे पर्व हमारी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार की प्रेरणा देते हैं।
पारंपरिक खेल व कुश्ती का प्रोत्साहन: उन्होंने कहा कि नाग पंचमी के अवसर पर प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आयोजित होने वाली पारंपरिक कुश्ती और खेल प्रतियोगिताएं युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को नाग पंचमी की हार्दिक बधाई दी।

