प्रयागराज। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) होलागढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य केंद्र में फैली अव्यवस्थाओं, सीलन, टूटे फर्नीचर और बाहर जलजमाव पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत सुधार के सख्त निर्देश दिए।
परिसर में अव्यवस्था और जलजमाव पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने सीएचसी भवन की स्थिति, साफ-सफाई, वार्डों की व्यवस्था और मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। स्वच्छता का स्तर संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने कहा कि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना बेहद जरूरी है।
परिसर का कायाकल्प: मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने, पूरे परिसर में सफाई सुनिश्चित करने और एक आयुर्वेदिक/हर्बल गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए।
भवन की मरम्मत: जिन कमरों में सीलन या टूटे फर्नीचर थे, उन्हें तुरंत ठीक करने या बदलने तथा गंदे वॉशबेसिन की सफाई व मरम्मत कराने को कहा गया। भवन के जीर्णोद्धार के लिए क्षेत्रीय पंचायत से अनुदान प्राप्त करने का प्रयास करने के भी निर्देश दिए।
जलजमाव से बीमारी का खतरा: सीएचसी के बाहर जमा पानी को देखकर मंडलायुक्त ने संबंधित एसडीएम और बीडीओ को तत्काल जल निकासी कराने तथा इसका स्थाई समाधान खोजने के निर्देश दिए, ताकि डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा न फैले।
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की ऐप से ट्रैकिंग
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ऐप आधारित ट्रैकिंग प्रणाली की जानकारी ली और निर्देश दिया कि चिन्हित गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय से उच्च स्वास्थ्य केंद्र (हायर सेंटर) रेफर करने की पुख्ता व्यवस्था रखी जाए।
2 माह में तैयार होंगे 'मॉडल स्वास्थ्य केंद्र' (NQAS स्तर पर होगा कायाकल्प)
मंडल में स्वास्थ्य ढांचे को नए स्तर पर ले जाने के लिए मंडलायुक्त ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को निर्देश जारी किए हैं कि:
3 स्तरों पर अपग्रेडेशन: प्रत्येक जनपद में एक मॉडल सीएचसी, एक पीएचसी तथा एक सब-सेंटर को चिह्नित कर एनक्वास (National Quality Assurance Standards) के मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाए।
समयसीमा तय: इस पूरे कार्य को आगामी 2 माह के भीतर पूरा करने की सख्त समयसीमा तय की गई है।
मानकों का पालन: एनक्वास (NQAS) की एसओपी के अनुसार भवन, स्वच्छता, दवा-जांच की उपलब्धता, संक्रमण नियंत्रण और रिकॉर्ड रखरखाव की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
"सभी संबंधित अधिकारी एनक्वास एसओपी के आधार पर कार्ययोजना बनाकर दो महीने में काम पूरा करें। इस पूरे अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग मेरे द्वारा स्वयं की जाएगी।"
— डॉ. लोकेश एम., मंडलायुक्त (प्रयागराज)

