अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने शिशु सदन, बालिका संरक्षण गृह एवं महिला शरणालय का किया आकस्मिक निरीक्षण
खान-पान, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सहित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश
मूक-बधिर बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो – अपर जिलाधिकारी
प्रयागराज, 04 जुलाई।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उपमा पाण्डेय ने शनिवार को मध्यान्ह लगभग 12 बजे शिशु सदन, बालिका संरक्षण गृह एवं महिला शरणालय का संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां रह रहे बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मूक-बधिर महिलाएं हस्तकला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन कर रही हैं तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रही हैं। उनके द्वारा हस्तकला का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर का अच्छा उपयोग करते हुए कई प्रकार के हस्त निर्मित वस्तुएं बनाई जा रही हैं। इस अवसर पर संस्था प्रभारी द्वारा मूक-बधिर महिलाओं के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए स्पेशल एजुकेटर की आवश्यकता से अवगत कराया गया जिसपर अपर जिलाधिकारी-प्रशासन ने उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए स्पेशल एजुकेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मूक-बधिर महिलाओं एवं बच्चों से वार्ता कर संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मूक-बधिर बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। विशेष परिस्थितियों में उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए, साथ ही संस्थान में गुणवत्तापूर्ण खान-पान, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे वहां निवासित बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके।
