भूमि विवाद एवं भू-माफिया के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान की मंडलीय समीक्षा, अभिलेखों के सत्यापन एवं डेटा अद्यतन करने के निर्देश
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भूमि विवाद एवं भू-माफिया के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान की मंडलीय समीक्षा, अभिलेखों के सत्यापन एवं डेटा अद्यतन करने के निर्देश



भूमि विवाद एवं भू-माफिया के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान की मंडलीय समीक्षा, अभिलेखों के सत्यापन एवं डेटा अद्यतन करने के निर्देश


भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण एवं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध दिनांक 01 जून से 30 जून तक संचालित विशेष अभियान की समीक्षा हेतु आज मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस आयुक्त प्रयागराज, मंडल के चारों जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ जनपदवार प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


सर्वप्रथम पोर्टल पर उपलब्ध भू-माफिया की सूची एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई, जिसमें पुलिस एवं प्रशासन स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं में भिन्नता पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सरकारी भूमि संबंधी प्रकरणों में उपजिलाधिकारी स्तर तथा निजी भूमि संबंधी मामलों में पुलिस स्तर से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर भू-माफियाओं की एक समेकित एवं प्रमाणिक सूची तैयार कर उसे पोर्टल पर अद्यतन करने तथा लंबित कार्रवाई संबंधी विवरण भी तत्काल अपलोड कराने के निर्देश दिए।


मंडलायुक्त ने नजूल एवं अन्य सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों का विशेष सत्यापन कराने के निर्देश दिए। तालाबों एवं अन्य जल निकायों की भूमि पर कब्जे के मामलों में वर्तमान कब्जाधारियों के साथ-साथ अवैध रूप से भूमि का विक्रय करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही संबंधित अभिलेखों एवं धारा-34 की फाइलों का परीक्षण कर गलत आख्या प्रस्तुत करने वाले लेखपालों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन भू-माफियाओं का निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाकर भूमि की वर्तमान स्थिति का परीक्षण किया जाए तथा अवैध कब्जा पाए जाने पर वर्तमान कब्जाधारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अगली समीक्षा बैठक से पूर्व सभी जनपदों को आंतरिक समीक्षा कर अभिलेखों एवं पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का सत्यापन एवं अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देशित किया कि एकीकृत सूची तैयार करते समय भूमि संबंधी मामलों में पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई झेल चुके व्यक्तियों का पुनः सत्यापन किया जाए तथा उनके विरुद्ध लंबित प्रकरणों को भी सूची में शामिल किया जाए। समीक्षा के दौरान अतिक्रमणकर्ताओं एवं वास्तविक भू-माफियाओं के बीच स्पष्ट अंतर सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक प्रकरण का पुनः परीक्षण कर केवल वास्तविक एवं चिन्हित भू-माफियाओं के नाम ही सूचीबद्ध किए जाएं। जिन व्यक्तियों के नाम भू-माफिया के रूप में दर्ज हैं, किन्तु उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई नहीं हुई है, ऐसे मामलों की भी पुनः जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी अतिक्रमणकर्ता को गलत रूप से भू-माफिया की श्रेणी में न रखा जाए।


बैठक में यह भी पाया गया कि अधिकांश सूचीबद्ध प्रकरण पुराने हैं तथा हाल के वर्षों में की गई कार्रवाई का समुचित विवरण अभिलेखों एवं पोर्टल पर परिलक्षित नहीं हो रहा है। इस पर संबंधित अधिकारियों को अभिलेखों का सत्यापन कर नवीनतम सूचनाएं तत्काल अपलोड कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही वर्ष 2017 से 2026 तक भू-माफियाओं से संबंधित दर्ज प्राथमिकियों एवं अभिलेखों का सीसीटीएनएस के माध्यम से विश्लेषण कर संबंधित व्यक्तियों की आपराधिक पृष्ठभूमि का परीक्षण करने को कहा गया।


बैठक में आईजीआरएस के री-ओपन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पेशल क्लोजर वाले प्रकरणों का पृथक परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार अलग टीम गठित कर उनकी गहन जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे कोई भी प्रकरण अपूर्ण अथवा त्रुटिपूर्ण तथ्यों के आधार पर निस्तारित न हो सके।

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