प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने दो दिवसीय प्रयागराज दौरे के दौरान रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पहुंचे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के परिवारों का हालचाल जाना, उनका हौसला बढ़ाया और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव रविवार और सोमवार को मिलाकर प्रयागराज में पार्टी के कुल 13 नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर जाएंगे।
विधायक विजमा यादव के घर से हुई शुरुआत
अखिलेश यादव ने अपने दौरे की शुरुआत समाजवादी पार्टी की विधायक विजमा यादव के आवास से की। यहाँ पहुँचने पर सपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। अखिलेश यादव ने विजमा यादव के परिवार के सदस्यों—बेटे, बहू, बेटी और दामाद से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से पूरी ताकत के साथ जुट जाएं और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें।
करेली में छतों से हुई गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा
इसके बाद सपा प्रमुख का काफिला करेली स्थित समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन के आवास पर पहुँचा। उनके आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सपा कार्यकर्ता वहाँ जमा हो गए थे। जैसे ही अखिलेश यादव का काफिला इफ्तेखार हुसैन के घर के पास पहुँचा, छतों पर खड़े लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। अखिलेश यादव ने इफ्तेखार हुसैन के परिजनों से मुलाकात की और संगठन को धार देने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा नए मतदाताओं तक पार्टी की पहुँच बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
पूर्व विधायक परवेज टंकी से की क्षेत्र की राजनीति पर चर्चा
करेली में ही अखिलेश यादव पूर्व विधायक परवेज टंकी के आवास पर भी पहुँचे। यहाँ उन्होंने परवेज टंकी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और क्षेत्र की वर्तमान राजनीतिक गतिविधियों पर मंथन किया। उन्होंने नेताओं को हिदायत दी कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ लगातार सीधा संपर्क बनाए रखें।
इस दो दिवसीय दौरे से प्रयागराज के समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है और इसे आगामी चुनाव के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।

