प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) इलाके के पुरूषोत्तम पट्टी में मवेशियों के चारें के खेत देखें गए आक्रामक तेंदुआ के 30 घंटे बाद भी प्रशासन की पकड़ से दुर होने के कारण ग्रामीणों में खासी नाराजगी देखी गई। अक्रामक हुए तेंदुए के डर से ग्रामीण काफी डरे व सहमें हुए हैं। ग्रामीण रामनाथ यादव, सुनील, साधु, रवीन्द्र, प्रदीप की मानें तो हमारे गांव के दो लोगों को तेंदुआ ने घायल कर दिया प्रशासन के जानकर के बाद भी अभी तक गोरखपुर से रेस्क्यू टीम का न आना प्रशासन के लिए खामियां दर्शाती है। हालांकि स्थानीय वन विभाग की टीम उप प्रभारी वनाधिकारी अनुज कुमार त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी धीरेंद्र कुमार मिश्रा तथा वन विभाग का प्रवर्तन दल शुक्रवार से ही तेंदुआ की सुरक्षा में मवेशियों के चारा की खेत को जाली से घेरकर एक कोने में पिंजड़ा लगाकर उसमें एक जिंदा बकरी को रखकर सुरक्षा में तैनात हैं। हालांकि कि चारा के खेत में तेंदुआ को आज भी ग्रामीणों ने देखा उसका फोटो खीचा गया।
गौरतलब हो कि शुक्रवार को मवेशियों के लिए चारा काट रहे विजय राजभर 60 को तेंदुए ने बुरी तरह घायल कर दिया था। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पहुंचे ग्रामीणों में बिजलीपुर निवासी राजा यादव 30 को भी घायल कर दिया था। तभी से प्रशासन चारा के खेत को घेर कैम्प किये हुए हैं।
