गोंडा जिले में एक मुस्लिम महिला को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। महिला ने पति समेत चार लोगों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर-दुकान मांगने का आरोप लगाया है। करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता जुबिया शमशाद के अनुसार, उनका निकाह 4 नवंबर 2023 को लखनऊ निवासी फय्याज अहमद के साथ हुआ था। निकाह के समय जुबिया के मायके वालों ने अपनी हैसियत के अनुसार करीब तीन लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान दहेज के रूप में दिया था।
शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और वे अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे।जुबिया ने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसके पांच तोला सोने के आभूषण बिना बताए बेच दिए। जब जुबिया ने इसका विरोध किया, तो पति फय्याज अहमद, ननद शबाना और रुकसाना, और बहनोई जफर ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। पीड़िता का आरोप है कि 26 अप्रैल 2026 को ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
जुबिया अपनी बच्ची के साथ किसी तरह अपने मायके पहुंची। पीड़िता ने यह भी बताया कि बेटी पैदा होने के बाद से ही ससुराल वाले लगातार मारपीट कर रहे थे।मायके पहुंचने के बाद उसके पति फय्याज अहमद ने फोन पर उससे संपर्क किया और उसे 'तीन तलाक' दे दिया। करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने पति फय्याज अहमद, ननद शबाना, रुकसाना और बहनोई जफर के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, तलाक देने और दहेज मांगने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उप निरीक्षक खुशबू श्रीवास्तव को मामले की जांच सौंपी गई है।
करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला तीन तलाक से भी संबंधित है। हालांकि महिला के पास कोई भी रिकॉर्डिंग या व्हाट्सएप चैट नहीं है जिसमें तीन तलाक लिखा हो केवल फोन कॉल पर दिया गया था महिला ने रिकॉर्डिंग नहीं किया था।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
