गोंडा जीआरपी पुलिस कस्टडी से भाग रहे आरोपों को पकड़ते समय ट्रेन चपेट में आने से पैर काटने के चलते घायल गोंडा जीआरपी में तैनात सिपाही आकाश सिंह को उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने आज डेढ़ करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
यह मदद उन्हें 31 मार्च को पुलिस हिरासत से भाग रहे एक आरोपी को पकड़ने के दौरान ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण दी गई है। डीजीपी ने सिपाही की पत्नी को डीजीपी मुख्यालय बुलाकर बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से चेक सौंपा।
31 मार्च की देर रात सिपाही आकाश सिंह एक आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी वे ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में उनका एक पैर पूरी तरह कट गया था, जबकि दूसरा पैर भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।
उन्हें तत्काल लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्भाग्यवश, गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों को उनका दूसरा पैर भी काटना पड़ा। इस वजह से सिपाही आकाश सिंह अब पूरी तरह से चलने में असमर्थ हो गए हैं।
यह पहली बार नहीं है जब आकाश सिंह को मदद मिली है। इससे पहले, 1 अप्रैल को डीजीपी राजीव कृष्ण ने उन्हें 1 लाख रुपये की प्रारंभिक सहायता दी थी। इसके अतिरिक्त, 10 अप्रैल को जीआरपी अनुभाग गोरखपुर ने 10.88 लाख रुपये और जीआरपी अनुभाग लखनऊ ने 5.14 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की थी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभागीय जांच भी चल रही है, जिसे शुरू हुए एक माह से अधिक हो गया है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है।
जीआरपी पुलिस अधीक्षक गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि सिपाही आकाश सिंह अभी लखनऊ में भर्ती हैं और उनके परिवार को लगातार मदद दी जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस खड़ी है और आगे भी हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जांच पूरी होने पर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
