इलाहाबाद संग्रहालय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वाधान में दिव्यांगजनों के निमित्त स्थापित “अनुभव वीथिका“ एवं प्रदर्शनी में दिनांक 16 मई, 2026 को मा0 कुलपति, डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि महोदय द्वारा दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी में वृद्धि हेतु विभाग द्वारा की गयी उक्त पहल की सराहना करते हुए दिव्यांग बच्चों के अत्यन्त उपयोगी बताया गया। प्रदर्शनी अवलोकन के पश्चात दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करने तथा उन्हें रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के समन्वय से सम्बन्धित विभागाध्यक्षों एवं भारतीय पुनर्वास परिषद, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक संस्थाओं के संस्थाध्यक्षों के साथ आयोजित समन्वय बैठक में प्रतिभाग किया गया।
विभागों/संस्थाध्यक्षों की बेैठक में मुख्य अतिथि महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा दिव्यांगजनों को उनके द्वार पर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा क्षेत्रीय रीजनल सेण्टर, वाराणसी में स्थापित किया जाना है, जिसमें दिव्यांगजन सुगमतापूर्वक अध्ययन कर सकते हैं। बैठक में स्वैच्छिक संस्थाओं को मण्डल स्तर पर काउन्सलिंग सेण्टर खोलने एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 द्वारा संचालित संस्थाओं में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र/छात्राओं के छात्रावास खोलने हेतु सुझाव दिया गया। वर्तमान समय प्रदेश में श्रवण बाधित बच्चों हेतु अधिकांश विभागीय विद्यालय जूनियर स्तर के हैं, जिसके कारण श्रवण बाधित बच्चों को हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट कक्षा में अध्ययन करने में परेशानी होती है, इस क्रम में कक्षा 11 एवं 12 के श्रवण बाधित बच्चों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा पी0जी0डी0सी0 पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जो इण्टरमीडिएट कक्षा के समकक्ष होता है। मुख्य अतिथि महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि विश्वविद्यालय के वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 13 दृष्टिबाधित छात्र जो बिना राइटर लिये स्वयं कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण की गयी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
प्रयागराज
