लखनऊ, 16 अप्रैल 2026
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के निर्देशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत गुरुवार से परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रारंभ हो गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करना तथा लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना है।
पहले दिन “नारी शक्ति सम्मान” कार्यक्रम के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं के अभिभावकों को सम्मानित किया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसरों में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा “नारी शक्ति” मानव श्रृंखला बनाकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही विकासखण्ड स्तर पर भी महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो रही है।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा बोध एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योगी सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में देखने को मिल रहे हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत 17 अप्रैल को आत्मरक्षा प्रदर्शन, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एनसीसी एवं स्काउट-गाइड की छात्राएं अनुशासन एवं वीरता का प्रदर्शन करेंगी। इसके अतिरिक्त लोकगीत, लोकनृत्य, लघु नाटिका तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बालिकाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान किया जाएगा। 20 अप्रैल को वाद-विवाद, निबंध, स्वरचित कविता एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हुए “विकसित भारत में नारी की भूमिका” तथा “सशक्त नारी-समृद्ध भारत” जैसे विषयों पर छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
समस्त मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशकों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों का आयोजन प्रभावी, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक बालिकाओं, अभिभावकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर नारी सम्मान और समानता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाए।
