प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया। मनियर कस्बे के एक निजी विद्यालय में संविधान के जनक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर तीखी टिप्पणियां की एवं बाबा साहेब के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के सुपुत्र रंजीत चौधरी ने कहा कि आज के दौर में अंबेडकर जी के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं, लेकिन 2026 का देश का मिजाज बाबा साहेब के सिद्धांतों के विरुद्ध जा रहा है। उन्होंने कहा,"बाबा साहेब का संविधान भारत के कमजोर वर्गों, दलितों,मजदूरों और महिलाओं के संरक्षण एवं विकास के लिए बना था। दुर्भाग्य से वर्तमान सरकार संविधान को तोड़ने का कार्य कर रही है।"
विशिष्ट अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशांत राज पाठक ने कहा कि बाबा साहेब ने एक ऐसी विचारधारा दी जिसमें सब बराबर हों, सबकी स्थिति बेहतर हो,जीवन सुखमय हो और सबको समान अधिकार मिलें। लेकिन सत्ता में बैठी वर्तमान सरकार विपरीत कार्य कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी,"यह सरकार संविधान की हत्या करने पर तुली है, देश को पीछे धकेल रही है। अमेरिका के आगे झुक गई है। यदि यही सिलसिला चला तो देश फिर गुलाम हो जाएगा।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जगदीश रावत अखंड ने कहा कि बाबा साहेब के संघर्षों से जातिवाद काफी हद तक मिट चुका है। लोगों की सोच में परिवर्तन आया है। दलितों और अछूतों, जो समाज से बहिष्कृत थे, उनके जीवन में तेजी से सुधार हुआ है। यह सब बाबा साहेब के विचारों को सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम होने, उनके विचारों को पढ़ने और समझने से संभव हुआ। उन्होंने कहा, "जातिवाद का समूल नाश ही बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
कार्यक्रम को दिनेश राजभर, भगवान वर्मा, पुरंजय शर्मा, जन्मेजय यादव, वीरेंद्र सिंह, कैलाश यादव, विश्वकर्मा यादव, भुवाल आनंद सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया। सह-आयोजक अजीत तिवारी, नवनीत कुमार, राकेश चौहान, अभिषेक कुमार गोंड़ सहित कई लोग रहे। संचालन मनन ने किया तथा अध्यक्षता डॉ. जगदीश रावत अखंड ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
