प्रयागराज। संगम नगरी की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने वाले इलाहाबाद संग्रहालय में आज, 26 मार्च 2026 को एक विशेष पाक्षिक (15 दिवसीय) प्रदर्शनी का शुभारंभ होने जा रहा है। संग्रहालय के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की दुर्लभ काष्ठ निर्मित प्रतिमा और ऐतिहासिक 'रामजनम' पाण्डुलिपि को आम जनमानस के दर्शनार्थ प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रमुख आकर्षण:
- प्रभु श्रीराम की काष्ठ प्रतिमा: संग्रहालय के समृद्ध काष्ठ कला संग्रह से चयनित भगवान राम की यह प्रतिमा प्राचीन भारतीय शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण है।
- 'रामजनम' पाण्डुलिपि: राजकीय पाण्डुलिपि पुस्तकालय, प्रयागराज के विशेष सहयोग से इस दुर्लभ पाण्डुलिपि को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो भगवान राम के जीवन और जन्म से जुड़े ऐतिहासिक वृत्तांतों को जीवंत करती है।
कार्यक्रम का विवरण:
- समय: पूर्वाह्न 10:30 बजे।
- स्थान: केन्द्रीय कक्ष, इलाहाबाद संग्रहालय, प्रयागराज।
- अवधि: यह प्रदर्शनी आगामी 15 दिनों तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
संग्रहालय प्रशासन द्वारा सभी मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को इस गरिमामयी कार्यक्रम की कवरेज हेतु सादर आमंत्रित किया गया है। यह प्रदर्शनी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों के लिए भी भारतीय इतिहास और पाण्डुलिपि विज्ञान को समझने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है।
