गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सरयू नदी के बीच एक टापू पर चल रही अवैध शराब फैक्ट्री पर छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 1000 लीटर अवैध कच्ची शराब और 8000 लीटर लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के सख्त निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस को लगातार अवैध कच्ची शराब बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आज रविवार को नवाबगंज पुलिस ने ढेमवा घाट पुलिस चौकी से लगभग 8 किलोमीटर अंदर तुलसीपुर माझा गांव के पास सरयू नदी के टापू पर यह अवैध फैक्ट्री पकड़ी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित सिंह, संचित सिंह और श्रीराम यादव के रूप में हुई है, जो दत्त नगर, थाना नवाबगंज के निवासी हैं। इनके कब्जे से 1326 प्लास्टिक की पन्नियों में पैक 1000 लीटर अवैध कच्ची शराब और 8000 लीटर लहन के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मौके से 200 लीटर क्षमता के 41 प्लास्टिक ड्रम, 50 लीटर क्षमता के 6 ड्रम, 8 जस्ते के पतीले और 3 लोहे की भट्ठियां भी बरामद की हैं। अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बड़ी मात्रा में मिले हैं। आरोपी इस शराब को 10, 20, 50 और 100 रुपये की पन्नियों में पैक कर पड़ोसी जिले अयोध्या में बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे।
नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 60,60(2) आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायालय में पेश किया गया। जहां न्यायालय द्वारा इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं इसकी भी जांच की जा रही है जल्दी बड़ी कार्रवाई की जाएगी यह लोग सरयू नदी के बीचो-बीच टापू पर अवैध कच्ची शराब बनाने का काम करते थे।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
