मेजा, प्रयागराज: स्थानीय क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरस्वती पीसीएम इंस्टीट्यूट में 41वें दीक्षांत समारोह एवं कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के लिए 'शुभकामनाएँ दिवस' (विदाई समारोह) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें विदाई दी गई।
मुख्य अतिथि का संबोधन
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेजा पब्लिक के डायरेक्टर डॉ. अमरेश तिवारी उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के नए पड़ाव के लिए प्रेरित किया। डॉ. तिवारी ने अपने संबोधन में कहा:
"विदाई जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है जो निरंतर चलती रहती है। यह एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव की ओर बढ़ने का नाम है। कठिन परिश्रम और अनुशासन ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा।"
संस्थान की उपलब्धियां
संस्थान के संचालक इंजीनियर आलोक शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। आलोक शुक्ला ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक बेहतर नागरिक बनाना है। उन्होंने कक्षा 12 के छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए विशेष टिप्स भी दिए।
ACRC इंस्टीट्यूट के डायरेक्ट अनुज सिंह ने कहा शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं।
एपेक्स बायो प्वाइंट के डॉयरेक्टर प्रभांशु दुबे बोलते हुए कहा कि शिक्षक ही वह दीपक हैं जो अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। वे सिर्फ किताबों का पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि जीवन जीने की सच्ची राह दिखाते हैं।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
सम्मान समारोह: मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
भावुक क्षण: विदाई के समय छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों और सहपाठियों के साथ बिताए पलों को याद कर भावुक नजर आए।
आशीर्वाद सत्र: शिक्षकों ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर छात्रों को बोर्ड परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का आशीर्वाद दिया।
समारोह के अंत में संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और अभिभावक भी मौजूद रहे।
