गोंडा के मेडीसन हॉस्पिटल पर अब किसी भी वक्त ताला लग सकता है। सात महीने पहले अस्पताल की लापरवाही से हुई एक महिला की मौत के मामले में प्रशासन ने मरीजों को शिफ्ट करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। यह कार्रवाई उस पति की जीत है जिसने अपनी पत्नी को न्याय दिलाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता को भारी रकम का लालच देकर खरीदने और डराने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन वह अपने संकल्प पर अडिग रहा। आखिरकार गहन जांच में अस्पताल की लापरवाही सिद्ध हुई और प्रबंधन के रसूख पर न्याय की भारी जीत हुई। अस्पताल खाली होते ही इसे सील कर दिया जाएगा, जो चिकित्सा जगत में लापरवाही करने वालों के लिए एक बड़ी नजीर है।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
