प्रयागराज मंडल में लंबित राजस्व वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक
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प्रयागराज मंडल में लंबित राजस्व वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक

 


प्रयागराज मंडल में लंबित राजस्व वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक


पांच वर्ष से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु सख्ती, लक्ष्य आधारित मॉनिटरिंग और एसीआर से जोड़ी जाएगी जवाबदेही


शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में आज मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज मंडल की समस्त 19 तहसीलों के उपजिलाधिकारियों/ तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक संपन्न हुई जिसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से अथवा पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु प्रभावी रणनीति निर्धारित करना तथा निस्तारण प्रक्रिया में अपेक्षित तीव्रता लाना था।


बैठक में तहसीलवार लंबित वादों की संख्या, उनकी प्रकृति तथा लंबित रहने के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से उन प्रकरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो लंबे समय से अथवा पाँच वर्ष से अधिक समय से विचाराधीन हैं। फरवरी माह में किए गए निस्तारणों की तहसीलवार जानकारी लेते हुए माह के अंत तक कुल निस्तारण के लक्ष्य निर्धारित करने को भी कहा गया।मंडलायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी वाद में अंतिम आख्या प्राप्त होने के पश्चात उसे पोर्टल पर अपलोड किए बिना उस प्रकरण को पूर्णतः निस्तारित नहीं माना जाएगा। जिन वादों में आदेश पारित होने के उपरांत भी आख्या पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, उन्हें अपूर्ण श्रेणी में रखा जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।


जिन तहसीलों में अपेक्षाकृत कम संख्या में वादों का निस्तारण पाया गया, वहां के उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को कड़ी फटकार लगाई गई तथा निस्तारण प्रक्रिया में त्वरित सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। मंडल के अंतर्गत सोरांव तहसील में सर्वाधिक लंबित वाद पाए जाने पर संबंधित उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि विशेष अभियान चलाकर अधिकतम संख्या में प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि जिन तहसीलों में निस्तारण की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई जाएगी, वहाँ के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा किए गए निस्तारण के बिंदुओं को उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे कार्य निष्पादन की पारदर्शी समीक्षा संभव हो सके। अगली विस्तृत समीक्षा 28 फरवरी के उपरांत की जाएगी, जिसमें निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष वास्तविक उपलब्धि का मूल्यांकन किया जाएगा।


मंडलायुक्त ने यह स्पष्ट किया कि केवल संख्यात्मक वृद्धि ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं न्यायोचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। प्रशासन का प्राथमिक दायित्व आमजन को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। प्रयागराज मंडल में कुल 1,06,367 राजस्व वाद लंबित हैं, जिनमें प्रयागराज जनपद में 42,640, प्रतापगढ़ में 30,769, फतेहपुर में 12,313 तथा कौशाम्बी में 8,012 वाद लंबित हैं।

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