प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (पीआरसी) द्वारा आयोजित डिजिटल लिटरेसी पर आधारित जिला पंचायत विकास योजना हेतु समस्त ग्राम प्रधानों का दो दिवसीय अनावासीय प्रशिक्षण विकास खण्ड मनियर सभागार में शुक्रवार को प्रारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के आयोजक उपनिदेशक पंचायत आजमगढ़ मंडल संयोजक एएफसी लिमिटेड लखनऊ के प्रतिनिधि तथा प्रशिक्षक इंद्रजीत गिरी एवं संध्या वर्मा रहीं।
कार्यक्रम का उद्घाटन एडीओ पंचायत मनियर सुनील कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण में ग्राम प्रधान सत्येंद्र पाठक, उमेश राम, शारदानंद साहनी सहित अन्य प्रधान गणों ने भाग लिया और डिजिटल कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल वित्तीय साक्षरता आज पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग, सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा वित्तीय प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के माध्यम से प्रधानों को उनकी भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए सशक्त बनाया गया। प्रशिक्षण परिचय सत्र से शुरू होकर डिजिटल साक्षरता के महत्व पर केंद्रित रहा। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन योजनाओं पर प्रैक्टिकल सेशन चले। प्रतिभागियों ने इसे ग्रामीण विकास के लिए उपयोगी बताया।
सत्येंद्र पाठक ने कहा, "यह प्रशिक्षण हमें डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनाएगा।" उमेश राम और शारदा सहनी जैसे प्रधानों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और मजबूत बनाया। शनिवार को प्रशिक्षण का समापन होगा।
