खुशियां मातम में बदलीं: छोटे भाई के जन्मोत्सव पर नाच रहा था मासूम, करंट लगने से बुझ गया घर का चिराग।
मांडा,प्रयागराज: यमुनापार के मांडा इलाके में ह्दयविदारक घटना हुई। नवजात भाई का जन्मोत्सव कार्यक्रम चल रहा था। खुशी का माहौल था सभी में उल्लास था। इन्हीं में से एक नन्हा बालक भी था, जिसके भाई का जन्मोत्सव कार्यक्रम था। वह नाच रहा था लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में खुशी का माहोल गम में बदल गया। मांडा क्षेत्र के बेलहाकला गांव निवासी विजय शंकर की पत्नी ने दूसरे बेटे को जन्म दिया था। उसी खुशी में शनिवार रात घर में रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ जन्मोत्सव आयोजित किया गया था। साउंड सिस्टम पर फिल्मी गाने बज रहे थे। बच्चे डांस कर रहे थे। विजय शंकर का चार साल का दूसरा बेटा अनमोल भी साथ में थिरक रहा था। डांस करने के दौरान अचानक अनमोल साउंड सिस्टम के तार के करंट की चपेट में आ गया। बच्चे को करंट से चिपका देख परिवार के दो लोगों ने प्रयास किया लेकिन उन्हें भी झटका लग गया। जब तक बच्चे को करंट ने छोड़ा, उसका शरीर निस्तेज हो गया था। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उसे मृत बता दिया।
नवजात बेटे के जन्मोत्सव में बेटे की मौत ने विजय शंकर और उनकी पत्नी कंचन सहित परिवार के लोगों को सदमे में डाल दिया। माता-पिता तो रोते-बिलखते रहे। बच्चे के जन्म की खुशी दूसरे बेटे की मौत से मातम में बदल गई। इस घटना के बारे में जानकर दूर के रिश्तेदार और ग्रामीण भी दुखी हैं।
इस दुखद घटना के मुख्य बिंदु और सुरक्षा के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण बातें नीचे दी गई हैं:
घटना का सारांश
स्थान: प्रयागराज का यमुनापार स्थित मांडा इलाका।
अवसर: घर में नवजात बच्चे के जन्मोत्सव (छठी या बरही) का कार्यक्रम चल रहा था।
हादसा: परिवार का ही एक मासूम बच्चा उत्सव के दौरान डांस कर रहा था, तभी वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया।
परिणाम: करंट लगने से मासूम की मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई।
इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
अक्सर मांगलिक कार्यक्रमों में सजावट और साउंड सिस्टम के दौरान बिजली के तारों का जाल बिछ जाता है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
