प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 'मौनी अमावस्या' के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर किया गया।
यहाँ इस घटना पर आधारित एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट दी गई है:
संगमनगरी में आस्था का संगम: मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा
प्रयागराज, 18 जनवरी 2026
मुख्य बिंदु: 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी।
योगी सरकार के निर्देश पर हेलीकॉप्टर से संगम नोज और प्रमुख घाटों पर बरसाए गए फूल।
कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं।
फूलों की बारिश से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
आज मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर प्रयागराज का नजारा अलौकिक था। जैसे ही ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगानी शुरू की, आसमान से पंखुड़ियों की बारिश होने लगी। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए संगम नोज, किला घाट और अन्य स्नान घाटों पर मौजूद लाखों श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। प्रशासन के इस कदम ने श्रद्धालुओं के स्वागत को यादगार बना दिया, जिससे पूरा मेला क्षेत्र 'हर-हर गंगे' के जयघोष से गूंज उठा।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष भीड़ का प्रबंधन करने के लिए 3.5 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है।
सुरक्षा: AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है।
तैनाती: जल पुलिस, RAF और गोताखोरों की टीमें हर घाट पर मुस्तैद हैं।
रिकॉर्ड भीड़: दोपहर तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 3 से 3.5 करोड़ लोग पुण्य लाभ कमा चुके हैं।
धार्मिक महत्व
इस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार को होने के कारण इसे 'रवि-मौनी अमावस्या' का दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। मान्यता है कि आज के दिन मौन रहकर संगम स्नान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री का संदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और इस महापर्व पर 'नए संकल्प और ऊर्जा' की कामना की।

