उत्तर प्रदेश में दबंगों की प्रताड़ना की शिकार एक पूर्व मेजर की बेटी अंजना के लिए नये साल का पहला दिन जमाने भर की खुशियां लेकर आया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सिर्फ 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उसका करोड़ों का मकान उसे दिलाकर भूमाफियों को गिरफ्तार कर लिया.दबंगों ने अंजना को इतना प्रताड़ित किया था कि उन्हें सीजोफ्रेनिया हो गया और रिहैब का सहारा लेना पड़ा. रिहैब सेंटर में रह रहीं अंजना बुधवार (31 दिसंबर) को मुख्यमंत्री से मिलीं थीं तो उन्होंने बताया था कि चंदौली के बलवंत कुमार यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है.
यूपी के सीएम से उन्हें 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा मिला और गुरुवार (01 जनवरी 2026) को दोपहर से पहले ही उन्हें जब अपने मंकान पर कब्जा मिला तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और मुंह से निकला, 'गॉड ब्लेस यू योगी अंकल !'
सेना में मेजर थे अंजना के पिता
अंजना के पिता बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे. उनका इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है. उनका निधन 1994 में हो गया. मेजर भट्ट के एक बेटे और दो बेटियां थीं. उनके बेटे और एक बेटी का निधन हो चुका है. सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं. यह देख बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और उन्हें प्रताड़ित करने लगा. सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया. वहां के डॉक्टर की देखरेखमें उनका इलाज शुरू हुआ. वे तब से वहीं रह रही हैं.
सीएम से मिल बताई समस्या, 24 घंटे में हुआ समाधान
इस बीच बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे मकान को अपने नाम करा लिया था. यह खबर जब अंजना को मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का आग्रह किया. 31 दिसंबर (बुधवार शाम) मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और देश की सेवा करने वाले सैनिक की बेटी की पीड़ा को ध्यान से सुना. पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया है. मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है.
उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया. जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई.
सीएम की संवेदनशीलता से अंजना को मिली छांव !
रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया, "2016 में हमअंजना को रिहैब सेंटर लेकर आए. वहां उनकी देखरेख हुई और इलाज प्रारंभ हुआ. कुछ दिन पहले मकान पर कब्जे की शिकायत मिली, जिस पर थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया. इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम से मिले निर्देश के बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और 24 घंटे के भीतर जांच कर उन्हें कब्जा दिलाया."
घर में प्रवेश करते ही छलक पड़े अंजना के आंसू
पुलिस और सेना के अधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार (01 जनवरी) को अंजना जैसे ही घर के भीतर पहुंचीं, उनके आंख से आंसू छलक पड़े. वे हर कमरे में गईं, वहां की दीवारों को चूमा. फिर बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प रखकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया. पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वे रोने लगीं और बचपन के संस्मरण भी सुनाने लगीं. अपने घर में प्रवेश के बाद भाव विह्वल अंजना की आंखों में खुशी के आंसू थे. उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए आभार निकला. उन्होंने कहा, "योगी अंकल महान हैं. उन्होंने दुख से हमारी सहायता की. थैंक्यू योगी अंकल ! गॉड ब्लेस य."सीएम से मिलने के 24 घंटे में आरोपी समेत 2 गिरफ्तार
अंजना के सीएम से मुलाकात के बाद पुलिस और सक्रिय हो गई. पुलिस ने इस मामले में तत्काल जांच शुरू करते हुए अंजना को उनके मकान में कब्जा दिलाया. एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया, "मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू पुत्र रामदुलारे यादव निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा-चंदौली और मनोज कुमार यादव पुत्र स्व. उमाशंकर यादव निवासी दाउदपुर- थाना कोतवाली, चंदौली को गुरुवार को गि,रफ्तार कर लिया गया है."
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
