प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) गांधीवादी युवाओं द्वारा मनरेगा में मजदूर विरोधी बदलावों और नए VB-G RAM G कानून के विरोध में निकाली जा रही ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ अपने नौवें दिन सिकंदरपुर से खरीद, निपनिया, बहदुरा, पिलुई आदि गांवों से गुजरते हुए देर शाम मनियर पहुँची। यात्रा के दौरान ग्रामीणों, मजदूरों और महिलाओं से संवाद कर मनरेगा मुद्दों पर जागरूकता फैलाई गई। यह यात्रा 17 जनवरी को गोरखपुर के चौरी-चौरा से शुरू हुई, जो देवरिया, बलिया, मऊ, गाजीपुर होते हुए 17 फरवरी को बनारस में समाप्त होगी। सिकंदरपुर में सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर ने दर्जनों कार्यकर्ताओं संग यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने साइकिल चलाकर समर्थन जताया और कहा, “ग्रामीण मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे जन आंदोलनों की जरूरत है। यह सरकार को मजदूर विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार करने को मजबूर करेगी।”खरीद गांव में समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी कृष्ण कुमार यादव ‘बूढ़ा’ ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी अगुवाई में सभा हुई, जहां उन्होंने कहा,“मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है। इसके कमजोर होने से लाखों गरीब परिवार प्रभावित होंगे।” खरीद चौराहे पर आदर्श, शिव मंगल सिंह,अमरनाथ (पत्रकार), अमरजीत मानववंशी,भुआल आदि ने स्वागत किया। बहदुरा मोड़ पर युवा कांग्रेस व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन दिया। यात्रा में विवेक मिश्रा ने कहा,“मनरेगा को कमजोर करने वाले प्रावधानों से करोड़ों श्रमिक प्रभावित हैं। बिना चर्चा कानून बदले गए, इन्हें वापस लें।” प्रमुख मांगें हैं- काम का संवैधानिक अधिकार बहाल हो, मजदूर विरोधी कानून वापस लें, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय करें। यात्रा में विवेक मिश्रा (बलिया), मृत्युंजय मौर्या (मऊ), सतीश साहनी (देवरिया), हिमांशु जयहिंद (हाथरस) आदि शामिल हैं। गांधीवादी युवाओं ने समर्थन के लिए आभार जताया।
