विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा। इस वर्ष का ये पहला सत्र है और पिछले एक वर्ष का सबसे लंबा सत्र होगा जो 5 मार्च तक चलेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से सदन की कार्यवाही शुरू होगी। वह दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। सरकार 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेगी। इस बार के बजट का आकार 8 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। वहीं, विपक्ष द्वारा महाकुंभ हादसे समेत कई मुद्दों को उठाए जाने की रणनीति को देखते हुए दोनों सदनों में हंगामे के आसार हैं। वहीं सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए कमर कसे हुए हैं। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। विधान सभा व विधान परिषद के सदस्य विधानसभा में मौजूद रहेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद औपचारिक कार्य, अध्यादेश, अधिसूचना, नियम आदि सदन के पटल पर रखे जाएंगे। 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 20 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना बजट पेश करेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।सत्र में हंगामे के आसार हैं। समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष प्रयागराज महाकुंभ और मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर सत्ता पक्ष को घेरने का प्रयास करेगा। वहीं सत्ता पक्ष ने भी पलटवार की पूरी रणनीति बना ली है। मिल्कीपुर की जीत और महाकुंभ के मुद्दों पर दें सकारात्मक जवाबः योगी
विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के हमले से निपटने को लेकर मुख्यमंत्री ने भी मंत्रियों के साथ ही भाजपा और सहयोगी दलों के विधायकों को पूरी तैयारी से सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। सीएम ने खास तौर से मिल्कीपुर की जीत और महाकुंभ से जुड़े मुद्दे उठने पर उसका सकारात्मक तरीके से जवाब देने को कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के हर सवाल का सही जवाब देने के लिए पूरी तैयारी से सदन में आएं।
मुख्यमंत्री सोमवार को लोकभवन में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में सदन में विपक्ष को घेरने की रणनीति पर चर्चा की। मंत्रियों के अलावा भाजपा संगठन और सहयोगी दलों के विधायकों की मौजूदगी में सीएम ने मंत्रियों से कहा कि विपक्ष या सदन के सदस्य द्वारा यदि नियम-51 के तहत सवाल पूछे जाएं तो उसका संतोषजनक जवाब दें। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने भी मंत्रियों और विधायकों विपक्ष के सवालों पर संयमित रहने और सदन की गरिमा के मुताबिक बोलने का सुझाव दिया।
बैठक में भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल ने कहा कि भाजपा और सहयोगी दल के सभी विधायकों को एकजुट होकर सदन में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने का सुझाव दिया। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के अलावा सभी मंत्री, सुभासपा, रालोद और अपना दल (एस) के सभी विधायक भी मौजूद रहें।
