शौर्य पर्व में झलकी समृद्ध संस्कृति: परंपराओं का विश्व कीर्तिमान/अयोध्या में दीपोत्सव के बाद बना दूसरा विश्व कीर्तिमान
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शौर्य पर्व में झलकी समृद्ध संस्कृति: परंपराओं का विश्व कीर्तिमान/अयोध्या में दीपोत्सव के बाद बना दूसरा विश्व कीर्तिमान



मनोज तिवारी ब्यूरो प्रमुख अयोध्या

तुलसी मंच पर तीन दिवसीय शौर्य पर्व का समापन 11 प्रदेशो से आए 250 कलाकारो की रोमांचक प्रस्तुतियों से हुआ।आयुक्त अयोध्या गौरव दयाल द्वारा शुभारंभ के पश्चात 18 मार्च को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक आ इंडिया की चीफ एडिटर सुषमा नार्वेकर द्वारा विश्व कीर्तिमान का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। शौर्य पर्व के दूसरे दिन जिलाधिकारी अयोध्या नीतीश कुमार और मुख्य विकास आधिकारी ऋषिराज की उपस्थिति में कलाकारो में हैरतअंगेज लोक नृत्यों के माध्यम से समृद्ध भारतीय परंपरा को प्रस्तुत करके सभी को मुग्ध कर दिया। बीती शाम शौर्य पर्व का आरंभ ओडिसा के कलाकारो ने दो दो शंख एक साथ शंख वादन करतेहुए किया तो पूरा पांडाल ऊर्जा से भर गया।पश्चिम बंगाल से आए सृष्टिधर महतो के दल ने छाऊ नृत्य से महिषासुरमर्दिनी नृत्य प्रस्तुत किया।भारी भरकम मुखौटे के साथ तीव्र गति से किए जाने वाले नृत्य में कलाकारो की कलाबाज़ियां देखकर सभी दंग रह गए।मणिपुर के थांग टा प्रस्तुति में तलवार और बरछी के प्रहारों और बचाव से महिलाओ को प्रदर्शन और गुजरात की किशोरियों ने दोनो हाथो से तलवार चलाने के कला को गुजरात रास से महाभारत के द्रोपदी प्रसंग के माध्यम से प्रस्तुत किया मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा से तालियां गूंज उठी। बुंदेलखंड का दिवारी,अखाड़ा और पाई डंडा में आत्मरक्षा के लिए लाठी और डंडे का किस तरह उपयोग किया जा सकता है उसे इस प्रस्तुति में देख कर सभी अचंभित थे। मंच पर महाराष्ट्र के मर्दानी खेल में लाठी से सर पर रखे नारियल को लाठी से फोड़ना,गर्दन पर रखे केले को तलवार से काटना रोमांचित कर रहा था तो भारतीय शौर्य कलाओ पर आधारित शौर्य पर्व में

झारखंड के पायका नृत्य में कलाकारो के करतब और तेलंगाना के कर्रा सामू में कलाकारो की चपलता से दर्शक स्तब्ध थे।

भारतीय परंपराओं के मूल में छिपे संदेशों में आत्मरक्षा और संस्कृति की रक्षा हेतु सजग और समर्थ बनाने की भावना को जन तक पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर आयोजित शौर्य पर्व अपने उद्देश्य की प्राप्ति में विश्व कीर्तिमान रच कर अयोध्या की धरा पर दीपोत्सव के बाद दूसरा कार्यक्रम बन गया। उत्तर प्रदेश लोक एवम जन संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी की परिकल्पना को सभी ने सराहा। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने रोचक अंदाज में करके सभी को बांधे रखा। इस अवसर पर राजेश शर्मा,अवधेश अवस्थी,पुनः प्रकाश श्रीवास्तव,अमित श्रीवास्तव,वैभव,दीपा सिह रघुवंशी ,प्रमोद,रामजी,लवकुश शर्मा ,सुमित शर्मा समेत भारी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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