प्रयागराज: सराय ममरेज थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी परिचालक हरिकेश विश्वकर्मा चापड़ के हमले के बाद एसआरएन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। वहीं शनिवार को आईसीयू वार्ड के बाहर बैठे पिता से बेटे का हाल पूछने पर भावुक हो गए। बोले मेरे घर का इकलौता चिराग है। भगवान मुझे ना जाने किस पाप की सजा दे रहे हैं। यह कहते हुए उनके आंखों से आंसू निकल पड़े। पिता रामशिरोमण ने बताया कि हरिकेश से छोटी उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि सुबह छह बजे से उसकी ड्यूटी होने की वजह से वह नैनी में अपने तीन अन्य साथियों के साथ किराए पर रहता है। चार-पांच दिन में वह घर आता है। शुक्रवार सुबह आठ बजे वह फर्नीचर की दुकान पर काम करने चले गए। करीब साढ़े नौ बजे उनके पास फोन आया कि हरिकेश के ऊपर किसी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया है। यह खबर सुनते ही घर के सब लोग पागल हो गए। आज दो दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला है।
.jpg)