श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में स्मृति महोत्सव का भव्य शुभारम्भ ---
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श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में स्मृति महोत्सव का भव्य शुभारम्भ ---

श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में स्मृति महोत्सव का भव्य शुभारम्भ ---
ग्राम भ‌इयां के ग्रामीणों द्वारा विगत वर्ष की भांति इस बार भी परमहंस स्मृति महोत्सव व ग्राम जयंती दिवस को धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुन्दर आचार, सुन्दर विचार, सुन्दर संस्कार, सुन्दर सरोकार, सुन्दर ग्राम, सुन्दर धाम, सुन्दर समाज, सुन्दर भारत, के विचारों से प्रभावित होकर जीवन -यापन करने वाले ब्यक्ति "सुन्दर साथ" नाम से जाने जाते हैं। यद्यपि इसके मूल में आध्यात्मिक प्रेरणा का भाव निहित है। ग्राम वासियों का कहना है कि 1856 में जहां एक ओर भयंकर अकाल व महामारी जैसी विभीषिका से ग्रामीण आहत थे और ईश्वर पर आस लगाकर सकून की अपेक्षा से ईश्वर से संकट टालने की प्रार्थना करते थे, वहीं गांव के कुछ भेड़ पालक ग्रामीणों को सूचना दिए कि एक तपस्वी भेषदारी गांव के जंगल में साधना करते हुए दिखाई देते हैं किन्तु पास जाने पर सशरीर ओझल हो जाते हैं। कौतूहल वश क‌ई ग्रामीण मिलकर स्थान पर पहुंचे और भेड़ पालक की सूचना सही साबित होने पर श्रद्धा भाव से स्थल पर भजन-किरंतन प्रारंभ कर दिए और ग्रामीणों की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर महात्मन द्वारा सशरीर दर्शन दिया गया। और ग्रामीणों की प्रार्थना स्वीकार करते हुए कुटी नामक स्थल पर निज निवास करते हुए ग्रामीणों को आशीर्वाद प्रदान करने लगे। और श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर की स्थापना हुई। आज इस मंदिर के लाखों अनुयाई हैं जिन्हें सुन्दर साथ के नाम से जाना जाता है। मंदिर के वर्तमान महंत श्री 108श्री ब्रह्मानंद जी महाराज ने बताया कि इस विशाल मंदिर के रख-रखाव के लिए अब ट्रस्ट बनाया गया है। वर्ष भर में तीन पर्व मुख्य रूप से धूमधाम पूर्वक मनाये जाते हैं।जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, होली व अषाढ़ की प्रतिपदा। अषाढ़ प्रति पदा के ही दिन विक्रम संवत 1559 में बिहार प्रान्त के मधुबनी ग्राम में जन्म हुआ था इनकी माता का नाम श्री मती सुलक्षणा व पिता का नाम बेदमती मिश्र था। परमहंस गोपाल मणी जी महाराज का धामगमन भी विक्रम संवत 1871अषाढ़ माह में प्रतिपदा के ही दिन हुआ था। धाम गमन के बारे में भी रोचक जानकारी है कि समस्त अनुयायियों को महराज जी द्बारा पहले ही सूचना देकर मंदिर में बुलाया गया था।व उपदेश देते हुए ही सशरीर विलुप्त हो गए थे। प्रति वर्ष अषाढ़ प्रतिपदा के दिन बड़ी संख्या में सुंदर साथ एकत्रित होकर परमहंस महराज जी के स्मृति दिवस को मनाते हैं। ग्राम पंचायत भ‌इयां के जनसुनवाई फाउंडेशन के प्रदेश कोआर्डिनेटर कमलेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि परमहंस महराज के कारण ही ग्राम पंचायत भ‌इयां की पहचान राष्ट्रीय स्तरीय पर है। इसलिए मंदिर के संस्थापक 302वर्षीय परमहंस महराज जी की स्मृति दिवस पर ही ग्राम जयंती दिवस भी मनाया जाता है। कार्यक्रम में समस्त ग्रामीण एक साथ मिलकर ग्राम की साफ सफाई करते हुए साप्ताहिक श्रीमद्भागवत पुराण सहित विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किए है। कार्यक्रम को संपादित करने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर ट्रस्ट एवं नवयुवक मंडल द्वारा किया जा रहा है। नवयुवक मंडल के जनमित्र जंगली मिश्र, देवकरण मिश्र, आनंद कुमार मिश्र, मुकेश धर, संदीप कुमार, मनोज कुमार,देवेश मिश्र, सौरभ मिश्र, बृजेश कुमार, अन्तिम कुमार, राजकुमार मिश्र बग्गू सिंह,रामराज, गोविन्द प्रसाद, अनुराग, धीरज कुमार, राजेश कुमार, नीरज कुमार मिश्र,तौलन प्रसाद दूबे, अवधेश दूबे, मनोज कुमार मिश्र, वाचस्पति मिश्र, सहित श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी राजेश्वरी प्रसाद, सूबा लाल, कौशलेश कुमार मिश्र, अवधेश कुमार मिश्र, विजय कुमार तिवारी, राजेश्वरी प्रसाद तिवारी,लाल पति ,मलेटर सहित कई सुन्दर साथ सेवा में तत्पर हैं।

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