पानी के लिए मचा हाहाकार
भाईयो और बहिनों ,
ग्रीष्म ऋतु ने दस्तक दे दी है और ब्रह्मांड का तापमान निरंतर बढ़ रहा है इस लिए आज पानी की बात कर रहा हूँ ।
पानी अनमोल है इसकी क़ीमत पहचानिए ।जिस तरह प्रति वर्ष पानी का लेवल तेज़ी से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में , तेज़ी से नीचे जा रहा है उसे देखते हुए मेरे विचार से आने वाले समय में तीसरा विश्व युद्ध पीने के पानी के लिए होगा ।हम सभी जानते है कि जल सभी प्राणियों , पेड़ पौधों , फसल अन्न के लिए जीवनदायी है ।
तो क्यों न इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए आज से सजग होकर कुछ रचनात्मक उपाय करें जैसे रोज़मर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव कर जल की बचत कर सकते है ।
१ -कार को पाइप से धोने के बजाय , मिट्टी झाड़ कर गीले कपड़े से पोंछ कर साफ़ कर लें ।
2 -। घर में नहाने के समय जग और बाल्टी का उपयोग करे ।
३ कपड़े वॉशिंग मशीन में धोए ।
४ नल या cistern का लीकेज बंद करें ।
५ पेशाब के लिए अगर commode का इस्तेमाल करते है जाने के बाद फ़्लश न चला कर मग से पानी डाले ।फ़्लश चलने से १० लीटर पानी बर्बाद होता है ।(सबसे अधिक घरों में पानी इस से बर्बाद होता है )
हो सके तो टॉलेट में urinal pot लगाएँ ।
6-ड्राइव वे की धुलाई रोज़ाना न कर के सप्ताह में एक बार कराएँ ।
बाक़ी दिनो में झाड़ू और पोंछा लगाकर काम चल सकता है ।
7 -पार्क में टोंटी ख़राब या लीकिज से से अनावश्यक जल बहता है तो उसकी रेपोर्ट जल संस्थान को करे ।
कई जगह देखा गया की पार्क का पानी सड़क किनारे नीचे नाली में बह रहा है उसको तुरंत खुद बंद करें या माली से कह कर बंद कर दे ।
ये कुछ ऐसे फ़ौरी सुझाव है जिस से पानी की काफ़ी मात्रा में बर्बादी रोकी जा सकती है ।
भयावह होती,धरती माँ और अन्नदाता (किसान) की स्थिति
अगर आप लोगों के मन में कोई और सुझाव है तो वह भी लिख कर बता सकते है । मेरे मन की बात या विचारों के साथ आपके मन की बात भी जरूर होनी चाहिए ।
रहीमदास जी ने दोहे में पानी के महत्व का पूरा सार कहा है
रहीमन पानी राखिए
बिन पानी सब सून ।
पानी गए न उबरे
मोती , मानस , चून ॥
ई0 अमर पाल सिंह राठौर
बहुत बहुत धन्यवाद
आपका दिन शुभ हो ।
यह विचार स्वयं का है।
🙏🙏जय श्री राम
ई अमर पाल सिंह राठौर
शक्ति केंद्र संयोजक
शारदानगर २B
बीजेपी महानगर लखनऊ
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