मिर्जापुर: विंध्याचल थाना क्षेत्र के अधवार गांव में पत्नी से अवैध संबंध को लेकर ममेरे भाई की हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश व स्पेशल जज ईसी एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है। विंध्याचल थाना क्षेत्र के अधवार गांव निवासी हरिश्चंद्र ने पांच मई 2018 को तहरीर देकर बताया कि उनकी बहन दुुर्गावती देवी पत्नी चिंतामणि निवासी दुगौली थाना जिगना की पुत्री नीलम की शादी 30 अप्रैल 2018 को हुई थी। शादी में उनके पुत्र सुनील कुमार (25) गए थे। शादी में फुफेरे भाई सोनू पुत्र चिंतामणि की पत्नी से सुनील की बातचीत और हंसी मजाक देखकर सोनू को नाजायज संबंध का शक हुआ। इसके बाद सोनू और सुनील में कहासुनी हुई थी। इस दौरान सोनू ने देख लेने की बात कही थी।
शादी के बाद सोनू अपनी पत्नी की पिटाई कर उसे मायके भेज दिया। सोनू चार मई 2018 की रात घर आया। वह पुत्र सुनील के साथ शराब पीकर छत पर सो गया। आरोप लगाया कि रात में सोनू ने सुनील की गला दबाकर हत्या कर दी और भाग गया। अगले दिन सुबह जानकारी हुई। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। सीओ सीटी परमानंद कुशवाहा के निर्देशन में विंध्याचल पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। थाने के पैरोकार पीयूष कुमार यादव ने आरोपी को सजा दिलाने के लिए पैरवी की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराकर साक्ष्य उपलब्ध कराया। गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ताओं की दलील सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा ने दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी सोनू को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।