मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
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मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक



लखनऊ। मुख्य सचिव  दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा, नगर विकास, नमांमि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा की।

        अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी 01 अप्रैल से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा स्कूल चलो अभियान प्रारम्भ हो रहा है, इस अभियान को सफल बनाने के लिये समस्त जिलाधिकारी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर माइक्रो प्लान समय से तैयार कर लें और माइक्रो प्लान के अनुसार साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें। इसी प्रकार दस्तक अभियान आगामी 17 अप्रैल से प्रारम्भ हो रहा है, इसकी समस्त तैयारियां व प्लानिंग समय से पूरी कर ली जाये। अभियान में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता अवश्य सुनिश्चित करायी जाये।

उन्होंने कहा कि शहरों की सफाई-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहनी चाहिये। कहीं भी पानी एकत्रित न हो। वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिये फॉगिंग करायी जाये। जिलाधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण करें।

         उन्होंने कहा कि गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए अभी से ही योजना बनाकर काम शुरू कर दें। क्षेत्र में कहां-कहां पानी की समस्या आ सकती है, इसको लेकर अभी से सतर्कता बरतते हुए समय रहते कार्य योजना तैयार कर ली जाए।

          उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। रक्तदान करने से कोई बीमारी नहीं होती है। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वह जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वैच्छिक रक्तदान की समीक्षा अवश्य करें और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान हेतु प्रोत्साहित करें। इस कार्य में जनपद के समस्त डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, कार्पोरेट सेक्टर, रेड रिबन क्लब, रेडक्रास सोसाइटी, एनसीसी व एनएसएस का सहयोग लिया जा सकता है। नुक्कड़ नाटक व कैम्प के द्वारा लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिये जागरूक करें। मण्डलायुक्त, डीएम, सीडीओ आदि मण्डल व जनपद के आइकॉन होते हैं, इसलिये वह भी रक्तदान कर आमजन को प्रेरित कर सकते हैं।

         उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में आंशिक वृद्धि हुई है। पैनिक होने की जरूरत नहीं है, सावधानीपूर्वक कार्य करें। पूर्व लहरों में एनसीआर क्षेत्र के जनपद व लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर एवं वाराणसी जनपद अधिक प्रभावित हुये थे। इन जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाये। टेस्टिंग की संख्या बढ़ायी जाये। कोविड-19 के सूचित होने वाले स्थानों पर कोविड-19 की सघन सैम्पलिंग करायी जाये। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की तैयारियों को परखने के लिये आगामी 11 एवं 12 अप्रैल को मॉकड्रिल का आयोजन किया जायेगा, सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जायें। डेडिकेटेड चिकित्सालय व वार्ड को तत्काल क्रियाशील कराया जाये। अस्पतालों में औषधियों, पीपीई किट्स, ग्लब्स, मास्क आदि की उपलब्धता एवं ऑक्सीजन प्लान्ट एवं कन्संट्रेटर आदि की क्रियाशीलता सुनिश्चित करायी जाये।

         उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान में इस वर्ष 2 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराना है। अभियान के दौरान शिक्षकों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया जाये। गृह भ्रमण के दौरान बच्चों की परफार्मेन्स को अभिभावकों के साथ साझा करें और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिये कहें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी बच्चों को समय से किताबें मिल जायें। स्कूलों में शत-प्रतिशत अध्यापकों की उपस्थित सुनिश्चित करायी जाये। समय-सारिणी के अनुसार कक्षायें चलें। हर स्कूल का माह में एक बार निरीक्षण अवश्य किया जाये, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्यवाही करें। यह सत्र आदर्श सत्र की तरह चलें।

        उन्होंने कहा कि चौराहे पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम बहुत बड़े एसेट हैं। इनके जरिए कोविड-19 के लिये जागरूक करने के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण सूचनायें जैसे-मिलेट्स, ट्रैफिक आदि की जानकारी भी लोगों को दे सकते हैं। इस पर कुछ अच्छे देश भक्ति के गानों को भी बजा सकते हैं, जिससे लोगों का इंटरेस्ट बना रहेगा।

         उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा योजना बनाते हुये लागत, सस्टेनेबिलिटी, जनसहभागिता, टेक्नोलॉजी का विशेष ध्यान रखना चाहिये। योजना की लागत को किस प्रकार कम कर सकते हैं, इस पर विचार करने की जरूरत है। विभिन्न गतिविधियों व प्रतियोगिता आदि के माध्यम से जनसहभागिता और योजना दीर्घकालिक होनी चाहिये। नवीनतम टेक्नोलॉजी का प्रयोग करें, जिससे लोग नई-नई चीजें सीख सकें। इसके अलावा टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रिसोर्सज का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

         इससे पूर्व, मंडलायुक्त झाँसी ने जनपद में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘प्रेरणा कैंटीन’ पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रेरणा कैंटीन का संचालन जनपद, ब्लाक व तहसील स्तर पर किया जा रहा है। कैंटीन के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। कैंटीन में टिफिन सर्विस की व्यवस्था भी की गई है।

          मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट ने कनवर्जेन्स द्वारा समुदाय के लिये संपत्ति निर्माण पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि मनरेगा व अन्य फण्ड का सदुपयोग कर 16 मनरेगा पार्क, 64 प्लेग्राउण्ड, 41 लाइब्रेरी, 75 अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है।

          जिलाधिकारी फिरोजाबाद ने ‘कोल्ड स्टोरेज इंफारमेशन सिस्टम’ पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज इंफारमेशन सिस्टम (सीएसआइएस) नाम से मोबाइल एप तैयार करवाया। इसका क्यूआर कोड भी बनवाया है। इसे मोबाइल से स्कैन करने पर नजदीक के कोल्ड स्टोरेज की सूची और उसमें जगह की जानकारी मिल जाती है। इस एप के द्वारा किसान कोल्ड स्टोरेज में आसानी से जगह आरक्षित करा सकते हैं, इससे किसानों को परेशानी नहीं उठानी पड़ती है और कोल्ड स्टोरेज में किसानों के वाहनों के कतारे नहीं लगती है। मुख्य सचिव ने इसे पूरे प्रदेश में लागू कराने के निर्देश दिये।

          बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण  पार्थ सारथी सेन शर्मा, प्रमुख सचिव नियोजन  आलोक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा  विजय किरन आनंद समेत संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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