मिर्जापुर: कटरा कोतवाली क्षेत्र के अमानगंज मोहल्ले में महिला की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल ने दोषसिद्ध पाए जाने पर ससुर और देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी पति को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
कटरा कोतवाली क्षेत्र निवासी दिनेश सेठ ने 13 जनवरी 2008 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी बहन इंदू देवी की शादी मंगला प्रसाद सेठ निवासी अमानगंज के साथ हुई थी। शादी के बाद से ससुराल वाले उनकी बहन को प्रताड़ित करते थे। पति ने सारा गहना बेच दिया। मोहल्ले वालों से सूचना मिली कि ससुुुराल वाले उनकी बहन को जलाकर मार डाले हैं।इसके बाद पुलिस ने पति समेत अन्य ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवचेना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। कटरा कोतवाली की मानिटरिंग और पैरवी सेल ने प्रभावी पैरवी की। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने गवाहों को परीक्षित कराकर साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत कर आरोपियों को अधिक से अधिक सजा देने की मांग की। इस बीच मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी सास की मौत हो गई।
इस मामले में पीड़िता ने पति को बचाने का बयान दिया था। इसलिए साक्ष्य के अभाव में जनपद न्यायाधीश ने आरोपी पति मंगला प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता के दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर जनपद न्यायाधीश ने ससुर भरत लाल और देवर शंकर लाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। साथ ही पांच-पाच हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

