प्रयागराज: राजस्थान के दौसा जिले की घटना को लेकर प्रयागराज के निजी अस्पतालों के संचालकों की आज शनिवार दो अप्रैल को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित हो गई है। अब सभी अस्पतालों में आकस्मिक सेवाएं और ओपीडी पूर्व की तरह चालू रहेगी। डाक्टरों ने पैदल विरोध मार्च का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया है। हड़ताल वापस होने से हजारों लोगों को होने वाली असुविधा से निजातव मिल गई है। आइएमए ने सभी जिलों के मेडिकल एसोसिएशन को यह सूचना और निर्देश भी भेज दिया है। राजस्थान की घटना के विरोध में आज इमरजेंसी सेवाएं व ओपीडी बंद रखने की तैयारी थी प्रयागराज में करीब ढाई सौ छोटे बड़े अस्पताल हैं। इनमें निजी अस्पतालों का अनुपात सरकारी की अपेक्षा ज्यादा है। इलाज की अत्याधुनिक सुविधाओं वाले प्राइवेट अस्पताल भी हैं। इन सभी अस्पतालों के संचालकों ने आज दो अप्रैल को आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के निर्देश पर सुबह 9:00 से शाम 4:00 बजे तक इमरजेंसी सेवाएं और ओपीडी को बंद रखने का निर्णय लिया था। वजह थी राजस्थान के दौसा जिले में महिला डाक्टर अर्चना शर्मा की आत्महत्या। इस घटना से व्यथित और मर्माहत सभी डाक्टरों ने देश भर में आंदोलन चला रखा था। बनेगा विधिक नियम : एएमए अध्यक्ष एएमए अध्यक्ष डाक्टर सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि आइएमए और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एक वार्ता हुई है। इसमें डाक्टरों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से विधिक नियम बनाने का महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने आश्वासन मिला है। इस आश्वासन के बाद आइएमएए ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया। कहा कि अब सभी चिकित्सा सेवाएं चालू रहेंगी। एएमए कार्यालय से लेकर एसएसपी कार्यालय तक होने वाला विरोध प्रदर्शन भी नहीं होगा।
