लखनऊ. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के चीफ शिवपाल सिंह यादव को लेकर यूपी का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार सुबह रामायण की चौपाई के साथ भगवान राम को परिवार, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला बताया है. शिवपाल यादव की ओर से इसे भाजपा में जाने का एक और संकेत माना जा रहा है. शिवपाल ने ट्वीट किया, ”प्रातकाल उठि कै रघुनाथा। मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥ आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा॥ भगवान राम का चरित्र ‘परिवार, संस्कार और राष्ट्र’ निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला है.
चैत्र नवरात्रि आस्था के साथ ही प्रभु राम के आदर्श से जुड़ने व उसे गुनने का भी क्षण है.” दो दिन पहले ही अखिलेश यादव के चाचा ने पीएम मोदी और सीएम योगी को ट्विटर पर फॉलो करके अपने अगले कदम का संकेत दे दिया था.प्रातकाल उठि कै रघुनाथा। मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥ आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा॥
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) April 4, 2022
भगवान राम का चरित्र 'परिवार, संस्कार और राष्ट्र' निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला है। चैत्र नवरात्रि आस्था के साथ ही प्रभु राम के आदर्श से जुड़ने व उसे गुनने का भी क्षण है। pic.twitter.com/yDmjA7Cgns
पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से मुलाकात थी.
भतीजे अखिलेश यादव से नाराज हैं शिवपाल!
प्रसपा चीफ शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश
यादव से नाराज बताए जा रहे हैं. इसकी वजह यूपी चुनाव के बाद सपा की बैठक
में बुलावा नहीं मिलना बताया जा रहा है. वैसे बैठक में नहीं बुलाए जाने पर
शिवपाल सिंह यादव ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मैं 2 दिनों
तक इंतजार करता रहा और मैंने अपने सारे कार्यक्रम कैंसिल कर दिए, लेकिन
मुझे कोई फोन नहीं आया. मुझे विधायक दल की मीटिंग में नहीं बुलाया गया,
जबकि मैं समाजवादी पार्टी का विधायक हूं. हालांकि समाजवादी पार्टी ने बैठक
में नहीं बुलाए जाने पर सफाई देते हुए कहा कि उनको गठबंधन के दलों की बैठक
में बुलाया गया है. वहीं, शिवपाल 28 मार्च को सपा गठबंधन के सहयोगियों की
बैठक में शामिल नहीं हुए थे.
