नायब नाजिर हत्याकांड में घटना की रात उसके अगले दो दिन और रात सुनील के साथ क्या-क्या हुआ किसने उसे बोलेरो से कहां-कहां ले जाकर क्या-क्या किया जांच के बिंदु हो सकते हैं। नायब की पिटाई की मुख्य वजह क्षेत्र की एक महिला भी बनी।
प्रतापगढ़ :- नायब नाजिर सुनील कुमार की हत्या के मामले में हर दिन नई बात खुल रही है। घटना की रात, उसके अगले दो दिन और रात सुनील के साथ क्या-क्या हुआ, किसने उसे बोलेरो से कहां-कहां ले जाकर क्या-क्या किया, जांच के बिंदु हो सकते हैं। नायब की पिटाई की मुख्य वजह क्षेत्र की एक महिला भी बनी। 30 मार्च की रात भी उसी महिला के बारे में बातचीत के दौरान एसडीएम ने आपा खो दिया था।
पीटने के बाद मनाने का दौर, कराया था किसी कागज पर दस्तखत
नायब नाजिर की पिटाई के दौरान वहां मौजूद एसडीएम के तीन चार मातहतों ने भी साहब की वाहवाही में मारपीट में बखूबी साथ निभाया था। बेरहमी के साथ पिटाई किए जाने से घायल नायब नाजिर का इलाज कराने के बजाय कई राजस्व कर्मी उसे किसी तरह शांत कराकर मामले को रफा-दफा करने में जी जान से लगे थे। इसके लिए जबरन दावतों का भी दौर चला था। एसडीएम के पक्ष में सुनील से किसी कागज पर हस्ताक्षर भी कराया गया था। उस कागज में क्या लिखा था, किसने लिखा था, वह कागज कहां है, ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब बाकी हैं।
हत्या आरोपित एसडीएम की बर्खास्तगी की मांग
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ एवं उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विस एसोसिएशन ने बुधवार को कृषि भवन में बैठक की। इसमें नायब नाजिर की हत्या मामले पर चर्चा हुई। नाजिर की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट मौन भी रखा गया। अध्यक्ष सुरेश कुमार मिश्रा, नौशाद अहमद, ओपी सिंह, हौसिला प्रसाद सिंह, मोहम्मद अब्बास, संदीप कुमार ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि हत्यारोपित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम को बर्खास्त किया जाए। एसडीएम समेत अन्य हत्यारोपितों की भी तत्काल गिरफ्तारी की जाए। मृतक के परिवार के लोगों को एक करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए। अगर सप्ताह भर के भीतर इस पर अमल न हुआ तो संगठन कार्यालय में ताला बंदी करके विरोध प्रदर्शन करेंगे।
