
नई दिल्ली. संसद के उच्च सदन राज्यसभा से 72 सदस्य जुलाई तक रिटायर हो जाएंगे. राज्यसभा में रिटायर हो रहे सभी सांसदो ने गुरुवार को सदन में विदाई भाषण दिया था. रिटायर हो 72 सांसदो में 13 सांसद कांग्रेस पार्टी के हैं जिनमे 3 ऐसे सांसद हैं जो G-23 के सदस्य रहे हैं और पार्टी में संगठनात्मक संरचना के लिए आवाज भी उठाते रहे हैं. G-23 के सबसे मुखर आवाज रहे कपिल सिब्बल का भी कार्यकाल जुलाई 2022 में खत्म हो रहा है कुछ दिनों पहले सिब्बल ने आलाकमान की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए गांधी परिवार से इतर किसी को भी पार्टी की कमान सौंपने की मांग की थी.
कांग्रेस के जो 13 सांसद रिटायर हो रहे हैं उनमें आनंद शर्मा, एके एंटनी, रिपुन बोरा, रानी नारा, प्रताप सिंह बाजवा शमशेर सिंह डुल्लो का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है. वहीं जयराम रमेश, छाया वर्मा, विवेक तनखा का कार्यकाल जून तक है और चिदंबरम, कपिल सिब्बल, अंबिका सोनी और प्रदीप टम्टा का कार्यकाल जुलाई तक ही है. इस तरह के तेवर G 23 के सदस्यों ने आलाकमान को लेकर दिखाएं थे इसे देखते हुए इसकी संभावना कम है कि G 23 सदस्यों की उच्च सदन में वापसी हो.आनंद शर्मा हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा में आए थे, वहां कांग्रेस के पास इतने आंकड़े नहींं है कि वो उनको वहां से दुबारा भेज सके. वहींं कपिल सिब्बल और विवेक तंखा के भी कांग्रेस कोटे से राज्यसभा में आने की संभावना काफी कम है. हालांकि G 23 के सदस्य गुलाम नबी आजाद ने 18 मार्च को 10 जनपथ जाकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और कुछ दिनों पहले आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तंखा ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. कांग्रेस सूत्रों का दावा है की कांग्रेस कोटे से रिटायर हो रहे 13 सांसदो में से 10 सांसद उच्च सदन में आ जाएंगे. कांग्रेस को राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड, केरल और कर्नाटक से उम्मीद है कि इन राज्यों से उनके उम्मीदवार राज्यसभा में आ सकते हैं.
