ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज
मेजा प्रयागराज: उरुवा विकास खंड क्षेत्र के मां शीतला शक्तिपीठ रामनगर में श्रद्धालु पहुंचकर दुर्गा के प्रथम स्वरूप भवानी शैलपुत्री की आराधना किए। इसमें लगने वाले जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय में हो गया। वही चैत्र नवरात्रि शुरू होते ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गए। अधिकांश लोगों ने नवरात्र में व्रत रखकर मां का पूजा अर्चन किया।नवरात्र का पहला दिन होने के चलते मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन अर्चन करने के साथ ही बाजारों में जमकर खरीदारी की। इसके चलते रामनगर, सिरसा, मेजारोड सहित विभिन्न बाजारों में सुबह से ही गहमागहमी रही। उल्लेखनीय है कि मां दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है।यह भी मान्यता है कि शैल पुत्री की आराधना अकेले ही नहीं बल्कि भगवान शिव के साथ ही जानी चाहिए। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की। मंदिरों पर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। साथ ही जयकारे भी लगा रहे थे। मंदिरों पर दर्शन पूजन करने वालों ने वहां सजी दुकानों पर जमकर खरीदारी भी की। उधर, नौ दिनों तक व्रत रख कर देवी आराधना करने वाले भक्तों ने शनिवार को अपने घरों में कलश स्थापित कर नौ दिवसीय पूजा का शुभारंभ किया।दूरदराज से आये श्रद्धालुओं का सुबह से ही पूजन अर्चन करने के लिए तांता लगा रहा।
