प्रयागराज: इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के हास्टलों में अनाधिकृत तरीके से निवास कर रहे छात्राें पर कभी भी गाज गिर सकती है। हास्टलों के अधीक्षक व संरक्षक अब ऐसे छात्रों की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद ऐसे छात्रों को चिह्नित कर उनके खिलाफ अनुशानात्मक अथवा विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला और पुलिस प्रशासन के साथ हुई कुलपति की बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है। ऐसे में इस बात के भी संकेत मिल गए हैं कि हास्टलों में कभी भी छापेमारी की जा सकती है। हास्टलों में अवैध तरीके से रहने वाले छात्रों पर अब कार्रवाई की तैयारी
कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने डीएम संजय खत्री और एसएसपी अजय कुमार और रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल समेत अन्य प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक की। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न हास्टलों में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे संदिग्ध तत्वों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उनका संपूर्ण विवरण भी जुटाया जाएगा। डीएसडब्ल्यू की तरफ से सभी हास्टलों के अधीक्षक और संरक्षक तथा चीफ प्राक्टर व जिला-पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर जल्द ही यह ब्यौरा जुटाएंगे। फिर गुण-दोष के आधार पर अनुशासनात्मक/वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से सघन निगरानी
जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर जया कपूर ने बताया कि बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन, अध्ययन एवं अध्यापन का माहौल और बेहतर करने के मूल उद्देश्यों को हासिल करने के लिए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से सघन निगरानी की जाएगी। पठन-पाठन एवं अनुशासन का माहौल खराब करने की मंशा रखने वाले अनुशासनहीन एवं शरारती तथा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। किसी भी दोषी को कत्तई नहीं बख्शा जाएगा।
