प्रयागराज: धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों ने प्रयागराज में एक बार फिर कमाल कर दिया। रेलवे अस्पताल के डाक्टरों ने एक ऐसे मरीज को जीवनदान दिया जो जिंदगी की आखिरी सांसे गिन रहा था, परिजनों ने भी बचने की उम्मीदें खो दी थी लेकिन डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसकी जिंदगी बचा ली। दरअसल, मरीज के पेट में साइकिल का हैंडिल घुस गया था और उसकी आंत पेट से बाहर आ गई थी। परिजनों ने उसे सिविल लाइंस स्थित रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया था जहां गंभीर अवस्था में उसका ऑपरेशन किया गया और वह अब बेहतर स्थिति में है।
सड़क दुर्घटना में गंभीर हुआ था भगवानदास
शहर के बलईपुर कालोनी निवासी भगवानदास रेलवे में फीटर के पद पर कार्यरत है। वह चार अप्रैल की देर शाम साइकिल से अपने घर की ओर जा रहा था। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास पहुंचा था कि बाइक के धक्के से वह बुरी तरह घायल हो गया था। साइकिल की हैंडिल भगवान दास के पेट में जा घुसा और आंत पेट के बाहर आ गया था। ब्लड ज्यादा निकलने से उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी थी। उसे इलाज के लिए रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खून के रिसाव को रोका गया। छह अप्रैल को सर्जन डा. संजय कुमार व उनकी टीम के द्वारा करीब दो घंटे तक ऑपरेशन किया गया और तब जाकर मरीज को राहत मिल सकी। मरीज की आंत और पेट की दीवारों का मरम्मत किया गया तथा ओमेन्ट व रक्त धमनियों से खून के रिसाव को बन्द किया गया। सर्जरी के दौरान मरीज मौत से जूझता हुआ जब खतरे से बाहर आया तब जाकर डाक्टर व परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली। इस ऑपरेशन में शंकर यादव, डॉ. उसैद, मेट्रन रूथ सिंह व सिस्टेर मंजू सोनकर व मनोज कुमार लोधा मौजूद थे।
