
उज्जवला योजना में सब कुछ ठीक नहीं है। सैकड़ों कनेक्शन कागजों पर जारी हुए, लेकिन वास्तविक लाभार्थियों तक कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। सब्सिडी के पांच हजार रुपए का फायदा एजेंसी के लोग हड़प रहे हैं। आपूर्ति विभाग से लेकर प्रशासकीय अधिकारियों तक ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं और महिलाएं अभी भी चूल्हे पर ही खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं।
अब आपको दो उदाहरण के जरिए समस्या के और नजदीक लेकर चलते हैं। ये दो मामले तो सिर्फ बानगी भर हैं, वास्तव में हर एजेंसी में इस तरह की शिकायतें हैं और लाभार्थी परेशान हो रहे हैं। मगर, उनकी सुनने वाला कोई नहीं है...
केस 1 : आवेदन करके भटकती रहीं, कनेक्शन किसी और को दे दिया
उरुआ मेजा के शुकुलपुर गांव में धांधली का पहला केस मिला। यहां नफीसा बेगम उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन चाहती थीं। जेके एचपी गैस एजेंसी केशवपट्टी में आवेदन किया था। कई महीने चक्कर काटे। कनेक्शन नहीं हुआ। बाद में पता चला कि उनके नाम पर पहले ही उज्जवला कनेक्शन जारी हो चुका है।
केस 2 : शिकायत डीजीएम तक पहुंची, तब कनेक्शन घर छोड़ गए
पान कली का भी यही मामला है। उन्हें बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की तरफ से फ्री सिलेंडर के 773 रुपए आने के बाद पता चला कि उनके नाम से कनेक्शन जारी हो गया है। इससे पहले एजेंसी के लोग यही कहते रहे कि आपके नाम पर जब कनेक्शन होगा, तब बता दिया जाएगा। इसकी शिकायत हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय उप महाप्रबंधक तक पहुंची, तो एजेंसी वाले कनेक्शन घर पर दे गए।
एजेंसी मालिक ने कहा- कंपनी से फोन आए तो कह देना गैस मिल चुकी है
नफीसा बेगम के मुताबिक जब क्षेत्रीय उप महाप्रबंधक से गैस कनेक्शन नहीं मिलने की शिकायत की। इसके बाद जेके एचपी गैस एजेंसी केशवापट्टी के मालिक का फोन आने लगा। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी से कोई फोन आए, तो कह देना कि मुझे गैस कनेक्शन मिल चुका है।
उन्होंने
गैस एजेंसी के मालिक से कहा कि अब हमें गैस कनेक्शन नहीं चाहिए। एक साल से
दौड़ रहे थे, तब कहां थे? नफीसा बेगम के मुताबिक, उनकी बेटी से भी एजेंसी
मालिक ने अभद्र भाषा में बात की, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग उन्होंने
अधिकारियों को सौंपी है।
डीएम से भी की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं
आरटीआई एक्टिविस्ट धर्मेंद्र ने चार जनवरी 2020 को डीएम प्रयागराज से उज्जवला गैस कनेक्शन में धांधली होने की शिकायत की थी। धांधली का प्रमाण भी दिया गया था। मगर, कार्रवाई नहीं हुई। गैस एजेंसियों से आरटीआई के तहत सूचना भी मांगी गई, लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि सूचना देने में भी आनाकानी की गई।
सप्लाई इंस्पेक्टर ने लगा दी झूठी रिपोर्ट
धर्मेंद्र ने IGRS पर शिकायत की थी कि प्रमिला देवी को एचपी गैस एजेंसी से उज्जवला गैस कनेक्शन नहीं मिला है। इसकी जांच कराई गई। सप्लाई इंस्पेक्टर मेजा ने इन शिकायतों पर झूठी रिपोर्ट लगा दी कि सभी को गैस कनेक्शन मिल चुका है,
