मेजा प्रयागराज: मेजा थाना अंतर्गत ग्राम सभा समहन में करीब 500 दलित परिवारों ने ब्राम्हण समुदाय के लोगो पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोग हमारे जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब हम लोगों ने अपना जमीन देने से इनकार किया तो राजस्व विभाग सहित शासन प्रशासन को मिलाकर उसी जमीन पर 12 बीघे का तालाब घोषित करवा दिया। और राजस्व टीम द्वारा हम सभी दलित परिवार को नोटिस भेजकर घर खाली करने को बोला जा रहा। अगर दूसरी ओर देखा जाए तो हमारे ग्राम सभा में कुल 5 तालाब हैं जहां ज्यादा से ज्यादा तालाबों पर ब्राह्मणों का कब्जा है लेकिन ब्राह्मणों को नोटिस ना देकर सिर्फ दलित को ही नोटिस क्यों। कहीं ना कहीं ब्राह्मणों की सोची-समझी नीति है। जबकि उस जमीन को लेकर हमारे दादा परदादा द्वारा मुकदमा भी लड़ी गई है। हम दलित परिवार को निकलने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है सिर्फ एक ही रास्ता है जब निकलते हैं तो ब्राह्मणों के घर से होकर।लेकिन इनके द्वारा हमें प्रताड़ित किया जाता है। और कहा जाता है ये चमार जा रहे हैं। पता नहीं कब तक इन लोगों का मुंह देखना होगा जल्द ही इन लोगों को गांव से बाहर खदेड़ना होगा। हम अपने प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से व शासन प्रशासन से अनुरोध करते हैं। क्या हम दलित इंसान नहीं है। क्या हम दलितों की कोई मान सम्मान इज्जत नहीं है। आखिर कब तक हमें यह ताने सहने होंगे। क्या हमें इंसाफ नहीं मिलेगी हम चाहते हैं अपने वर्तमान सरकार से कि इन तालाबों की सही प्रकरण में जांच कराया जाए। अगर हम लोग दोषी हैं तो हम पर कार्रवाई किया जाए अगर ब्राम्हण दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए।वही दलित परिवार का आरोप है कि गांव के ब्राह्मणों संघ राजस्व टिम भी मिली है।
इनका कहना है कि ब्राह्मणों ने गांव में पानी तक पर कब्जा जमा रखा है. आए दिन मारपीट करते रहते हैं।
दलित समुदाय के लोगों का आरोप है कि दबंग ब्राह्मण समुदाय के लोग अत्याचार कर रहे हैं सरकार से भी किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।
दलितों पर अत्याचार के कई मामले हालही में सामने आए हैं. लेकिन इनको लेकर सरकार कुछ खास कदम नहीं उठा रही है।
