प्रयागराज: निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को कक्षा एक व पूर्व माध्यमिक कक्षाओं में निर्धारित सीटों पर प्रवेश देने के लिए आनलाइन आवेदन मांगे गए थे। यह प्रक्रिया तीन चरण में पूरी की जानी है। पहले चरण के लिए आवेदन और चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सोमवार तक अभ्यर्थियों को प्रवेश भी ले लेने हैं लेकिन कुछ स्कूल मनमानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रशासन या जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से कोई सूची नहीं प्राप्त हुई है। वह प्रवेश नहीं देंगे। विवश होकर अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अभिभावक लगा रहे डीआइओएस कार्यालय के चक्कर
एलनगंज निवासी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने आरटीई के तहत आनलाइन आवेदन किया था। डीएम की तरफ से निकाले गए ड्रा में उनके बच्चे का नाम शामिल है। दुर्गा वाहिनी इंटरनेशनल स्कूल में वह प्रवेश लेना चाहते हैं। इस बात का उल्लेख आवेदनपत्र में भी है। जब वह प्रवेश लेने विद्यालय पहुंचे तो उन्हें लौटा दिया गया। कहा गया कि जब प्रशासन की तरफ से सूची आएगी तो वह इस संदर्भ में विचार करेंगे। इसी तरह एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उनके बेटे अवनि का प्रवेश मदर्स प्राइड मेहंदौरी स्कूल में होना है। उन्हें भी स्कूल से लौटा दिया गया। डीआईओएस कार्यालय में भी उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इस संदर्भ में उन्हें क्या करना चाहिए यह भी नहीं बताया जा रहा है। दूसरे चरण के प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन शुरू
निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दूसरे चरण के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 23 अप्रैल तक आवेदन किए जा सकेंगे। 25 और 26 अप्रैल को आवेदनपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चलेगी। 28 अप्रैल को लाटरी निकाली जाएगी। पांच मई को प्रवेश लिया जा सकेगा। प्रवेश के लिए आवेदन का तीसरा चरण 2 मई से 10 जून तक चलेगा। 11 से 13 जून तक फार्म का सत्यापन किया जाएगा। 15 जून को लाटरी निकलेगी और 30 जून को अभ्यर्थियों का प्रवेश लिया जाएगा।
