प्रयागराज:- यूपी विधान सभा चुनाव ड्यूटी में प्रयागराज परिक्षेत्र की 180 बसें लगी थी। इसमें रोडवेज की 80 स्थानीय बसें भी चुनाव में भेजी गई थी। चुनाव बीत गया, मतगणना हो गई, परिणाम भी आ गया लेकिन अभी तक बसें चुनाव से नहीं लौटी हैं। इस कारण अभी भी सभी रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित है। चुनाव से बसों के नहीं लौटने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रथम चरण के चुनाव शुरू होने से पहले ही बसों को भेजे जाने का क्रम शुरू हो गया था। कई रूटों पर बसों का संचालन बंद किया गया। कई रूटों पर बसों की कमी को अतिरिक्त फेरे चलाकर पूरा करने का प्रयास किया गया। बसों की कमी से पिछले एक महीने से यात्री परेशान हैं। सबसे आश्चर्य की बात कि चुनाव तो खत्म हो गया है लेकिन अभी तक प्रयागराज परिक्षेत्र की सभी बसें वापस नहीं लौट सकी हैं। इससे संचालन प्रभावित है। गोंडा, आजमगढ़, वाराणसी, कानपुर रूट के लिए घंटों करना इंतजार करते हैं
बसों की कमी के कारण चौराहों से लेकर बस अड्डे पर यात्री बसों का घंटों इंतजार करते हैं। सिविल लाइंस, जीरो रोड, रेलवे स्टेशन के पास प्रतिदिन घंटों इंतजार के बाद यात्रियों को बसें मिल रही हैं। गाेंडा, आजमगढ़, वाराणसी, कानपुर रूट पर सबसे ज्यादा दिक्कत है। इन रूटों पर बसों की कमी को पूरा करने की मांग लगातार यात्री कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली व झांसी की लंबी दूरी की बसों को भी फिर से चलाने की मांग की जा रही है। प्राइवेट बसों में सफर महंगा
इस समय सरकारी बसों की कमी है तो उसका फायदा प्राइवेट बस संचालक खूब उठा रहे हैं। प्राइवेट बसों में यात्री मजबूरी में सफर कर रहे हैं तो उनसे मनमाना किराया भी वसूला जा रहा है। दरअसल इस समय सभी रुटों पर रोडवेज बसों की कमी है। ऐसे में यात्रियों के सामने निजी बसों के अलावा यात्रा करने का दूसरा साधन नहीं है। या तो वह घंटो सरकारी बस का इंतजार करें या प्राइवेट बसों से आगे का सफर करें। यूपी परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा- एक-दो दिन में वापस लौटेंगी बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस विसेन ने बताया कि प्रयागराज परिक्षेत्र की 180 बसें चुनाव ड्यूटी में भेजी गई थी। इनका अधिकांश इस्तेमाल सुरक्षाकर्मियों के लिए हुआ। 10 मार्च को मतगणना हुई और इस दौरान भी सुरक्षाकर्मियों के लिए बसें लगी हुई थी। एक दो दिन में बसों के लौटने का क्रम शुरू हो जाएगा।
