प्रयागराज:- यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप हुए। डिजिटल वार भी होता रहा। नेता और उनके समर्थक इंटरनेट मीडिया पर एक-दूसरे को घेरते और आलोचना करते रहे। इनके बीच ही तमाम ऐसे लोग भी रहे जो ऊलजलूल कमेंट और पोस्ट कर रहे थे जिनके खिलाफ पुलिस ने एक्शन भी लिया। मगर ताज्जुब तब होता है जब एक शिक्षक भी ऐसी कारगुजारी करे जो गैर कानूनी और अनुशासनहीनता है। यूपी चुनाव के दौरान मंच से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करना कम्पोजिट विद्यालय सराय ख्वाजा बहरिया के शिक्षक अजीत यादव को भारी पड़ गया। बीएसए ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया है। वीडियो वायरल होने पर भेजा गया था नोटिस बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इस शिक्षक अजीत यादव पर एक राजनीतिक दल का प्रचार करने का भी आरोप है। राजनीतिक मंच से भाषण देने का वीडियो वायरल हुआ था। उसे लेकर कई शिकायतें भी आई थीं। उन्हें संज्ञान में लेकर पांच मार्च को दो दिन में साक्ष्यों के साथ लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस भेजा था। समय सीमा बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को निलंबन आदेश जारी किया गया है। पूरे मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी कौड़िहार ओम प्रकाश मिश्र को सौपी गई है। कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ था शिक्षक का रवैया निलंबन अवधि में अजीत यादव ब्लॉक संसाधन केंद्र कौड़िहार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। बीएसए ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू थी। इसके बाद भी परिषदीय शिक्षक का किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना और संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ है।
