दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताई शराब पर छूट वापस लेने की असल वजह,
Type Here to Get Search Results !

Recent Tube

दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताई शराब पर छूट वापस लेने की असल वजह,


न्यू दिल्ली. दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा कि शराब के रिटेल विक्रेताओं द्वारा किसी तरह की छूट पर रोक लगाने के उसके आदेश के पीछे मुख्य उद्देश्य शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाना है. उसने कहा कि वह छूट को अहितकर प्रतियोगिता को बढ़ावा देने और बाजार को विकृत करने का हथकंडा नहीं बनाना चाहती. दिल्ली सरकार ने कई शराब लाइसेंस धारकों के रोक के खिलाफ दायर एक याचिका के जवाब में हलफनामा दायर किया है. हलफनामे में कहा गया कि यद्यपि उसने शुरुआत में स्वस्थ प्रतियोगिता शुरू करने और उपभोक्ता की पसंद को बढ़ावा देने के लिए छूट की मंजूरी दी थी, लेकिन ऐसा देखा गया कि कुछ लोग शराब की जमाखोरी कर रहे हैं और जो छूट दी जा रही है वह जनहित में नहीं है.शराब की जमाखोरी और कालाबाजारी से इनकार नहीं किया जा सकता दिल्ली सरकार ने हलफनामे में आगे कहाकि जमाखोरी की संभावना है और मौजूदा मामले में भविष्य की कालाबाजारी से इनकार नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा, फरवरी के महीने में बिक्री पर दिसंबर की बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, एल-7 जेड लाइसेंस धारियों द्वारा बेचे गए मामलों में भारी उछाल आया है.
हालांकि, खपत इतनी तेजी से नहीं बढ़ सकती थी, क्योंकि शराब पीने वालों की संख्या तुरंत कई गुना नहीं बढ़ सकती थी. छूट के कारण लोगों ने थोक और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से शराब खरीदना शुरू कर दिया था. दिल्ली सरकार के हलफनामे में कहा गया है कि सरकार की ओर से बाजार में अस्वास्थ्यकर प्रतिस्पर्धा और विकृतियों को प्रोत्साहित करने का एक साधन बनाने का कोई इरादा नहीं था.इससे पहले HC ने कहा- छूट के जरिए शराब पीने की लत को बढ़ावा नहीं दे सकते
दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री पर दुकानदारों द्वारा छूट दिए जाने पर पाबंदी के अपने फैसले का बचाव करते हुए बृहस्पतिवार को दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि वह छूट के जरिए शराब पीने की लत को बढ़ावा नहीं दे सकती है. दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव से अनुरोध किया कि 28 फरवरी के आदेश के क्रियान्वयन को ना रोका जाए. उन्होंने कहा कि छूट ‘छिटपुट तरीके’ से दी गई थी लेकिन पैसे वालों ने उसका दुरुपयोग कर ‘एकाधिकार’ पैदा किया. उच्च न्यायालय की पीठ छूट पर पाबंदी लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ विभिन्न लाइसेंसी दुकानदारों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.शराब की लत को बढ़ावा देने वाला शहर नहीं बन सकता दिल्ली वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी, ‘‘दिल्ली छूट के जरिए शराब की लत को बढ़ावा देने वाला शहर नहीं बन सकता है… इसका बार-बार दुरुपयोग कर अपान-शनाप छूट देकर लोगों को अकर्षित किया गया.’’ सिंघवी ने कहा, ‘‘एकाधिकार की स्थिति पैदा करने के लिए इसका उपयोग किया गयाण् हम सामान्य तौर पर छूट के खिलाफ नहीं थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों में जब हमें पता चला कि बहुत ज्यादा छूट देकर कुछ धनी लोग एकाधिकार की स्थिति पैदा करना चाहते हैं… इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उक्त फैसला लिया गया. यह लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा नहीं है.’’

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies