Prayagraj: इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑफलाइन परीक्षाओं को लेकर भारी विरोध को देखते हुए इविवि प्रशासन ने अपना फैसला पलट दिया है। शुक्रवार को परिसर में हुए बवाल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को तृतीय वर्ष में प्रमोट करने और तृतीय वर्ष की ऑनलाइन परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। बवाल को रोकने के लिए डीएम और एसएसपी को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा।
उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर इविवि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को निर्णय लिया था कि स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह में शुरू कराई जाएंगी। इस निर्णय से भड़के छात्र शुक्रवार सुबह कुलपति कार्यालय पर इकट्ठा हो गए और सामूहिक आत्मदाह की धमकी देते हुए खुद पर कैरोसिन ऑयल छिड़क लिया। किसी बड़ी घटना की आशंका से वहां हड़कंप मच गया और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुला ली गईं। छात्रों पर पानी की बौछार की गई। जिला प्रशासन के अनुरोध पर लिया गया निर्णय
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर दो बजे के आसपास डीएम संजय कुमार खत्री और एसएसपी अजय कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने छात्रों को समझाया कि शाम तक उनके हित में कोई निर्णय ले लिया जाएगा, तब तक शांति बनाए रखें। शाम को डीएम एवं और एसएसपी छात्र-छात्राओं के बीच दोबारा पहुंचे और इविवि प्रशासन के निर्णय से छात्रों को अवगत कराया। छात्रों ने निर्णय का स्वागत करते हुए धरना समाप्त कर दिया।
