
प्रयागराज, नया यमुना पुल प्रयागराज के लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि से कम नहीं है। अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए नए यमुना ब्रिज से बहुत फायदा है। प्रयागराज से मीरजापुर, रीवा आदि की यात्रा सुगम होती है। इस पुल पर से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छोटे और बड़े वाहनों की आवागमन होता है। इसलिए यह पुल यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
बेयरिंग बदलने के दौरान रूट डायवर्ट किया जाएगा
नए यमुना पुल की बेयरिंग को अब बदला जाएगा। इसके लिए विदेशी कंपनी को ठेका दिया जा चुका है। उस कंपनी की टीम प्रयागराज आ भी चुकी है। जल्द ही वह बेयरिंग बदलने का काम शुरू कर दिया जाएगा। बेयरिंग बदलने के दौरान रूट डायवर्ट करना पड़ेगा। कब वहां पर काम शुरू हुआ, अभी तिथि तय नहीं हुई है।
जानें, नए यमुना पुल की खासियत
शहर को नैनी से जोडऩे वाला गऊघाट ब्रिज ओवरलोड हुआ तो 2005 में नया यमुना ब्रिज बनाया गया। तब यह भारत के सबसे लंबे केबल वाले पुलों में से एक है। इसमें दो पिलर बनाए गए हैं और स्टील केबल से पुल की छत को सहारा दिया गया है। पुल की कुल लंबाई 3.80 किलोमीटर है। इसमें से केबल स्टे वाला हिस्सा 1.64 किलोमीटर का है। यह तकनीक सफल रही और अब देश भर में इस तरह के अब कई पुल बन गए हैं।
यह पर्यटकों को भी खूब लुभाता है और वहां पर दिन भर लोगों की भीड़ लगी रहती है। पुल निर्माण के 16 वर्ष हो गए हैं। ऐसे में इसकी बेयरिंग बदलना अनिवार्य बताया जा रहा है। बेयरिंग बदलने के लिए विदेशी फर्म को ठेका दिया गया है।
बोले, एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एके राय ने बताया कि नए यमुना पुल की बेयरिंग पुरानी हो गई है। इसलिए उसे बदला जाएगा। बदलने के लिए इंजीनियरों की टीम आ गई है। जल्द ही वह काम शुरू करेंगे।
